दया और परोपकार ही मानवता की पहचान है Daya aur paropkar hi manavta ki pahchan hai

बहुत समय पहले की बात है , उशीनगर नाम के एक राज्य में एक राजा राज किया करता था। उस राजा का नाम था शिवी। वह एक चक्रवर्ती सम्राट था और अपनी महानता और दयालुता के कारण प्रसिद्ध था। उसकी दया के बारे में ऐसा कहा जाता था कि उसके दरबार से कोई भी खाली… अधिक पढ़ें दया और परोपकार ही मानवता की पहचान है Daya aur paropkar hi manavta ki pahchan hai

अपने आप पर विश्वास करने से बड़ी कोई शक्ति नहीं Apne aap per vishwas karne se badi koi Shakti Nahin

किसी गाँव मे एक साधु रहा करता था ,वो जब भी नाचता तो बारिश होती थी। अतः गांव के लोगों को जब भी बारिश की जरूरत होती थी , तो वे लोग साधु के पास जाते और उनसे अनुरोध करते की वे नाचे , और जब वो नाचने लगता तो बारिश ज़रूर होती। कुछ दिनों… अधिक पढ़ें अपने आप पर विश्वास करने से बड़ी कोई शक्ति नहीं Apne aap per vishwas karne se badi koi Shakti Nahin

शिकायत करने का अवसर मत खोजिये Shikayat karne ka avsar mat khojiye

बहुत समय पहले की बात है। एक प्रसिद्द गुरु अपने मठ में शिक्षा दिया करते थे। पर यहाँ शिक्षा देना का तरीका कुछ अलग था , गुरु का मानना था कि सच्चा ज्ञान मौन रह कर ही आ सकता है और इसीलिए मठ में मौन रहने का नियम था। लेकिन इस नियम का भी एक… अधिक पढ़ें शिकायत करने का अवसर मत खोजिये Shikayat karne ka avsar mat khojiye

साधु और नर्तकी Sadhu aur Nartaki

किसी गाँव में एक साधु रहता था। जो दिन भर लोगो को उपदेश दिया करता था। उसी गाँव में एक नर्तकी थी , जो लोगों के सामने नाचकर उनका मन बहलाया करती थी। एक दिन गाँव में बाढ़ आ गयी और दोनों एक साथ ही मर गये। मरने के बाद जब ये दोनों यमलोक पहूँचे… अधिक पढ़ें साधु और नर्तकी Sadhu aur Nartaki

वैराग्य से सब सुख आसानी से मिल जाता है Vairagya se sab aasani se mil jata hai

वैराग्य का आना स्वाभाविक है। उम्र बढ़ने के साथ , तुम्हारा मन स्वतः ही छोटी-छोटी बातों में नहीं अटकता है। जैसे बचपन में तुम्हें लौलीपॉप से लगाव था , पर वह लगाव स्कूल या कॉलेज आने पर स्वतः ही छूट गया। बड़े होने पर भी दोस्त तो रहते हैं पर उनके साथ उतना मोह नहीं… अधिक पढ़ें वैराग्य से सब सुख आसानी से मिल जाता है Vairagya se sab aasani se mil jata hai

बोलने से चुप रहना अधिक बेहतर है Bolane se chup rahana adhik behtar hai

एक बार एक बूढ़े आदमी ने अफवाह फैलाई की उसके पड़ोस में रहने वाले नौजवान चोर है। यह बात दूर – दूर तक फैल गई। आसपास के लोग उस नौजवान से बचने लगे। नौजवान परेशान हो गया क्योंकि कोई उसकी बात पर विश्वास नहीं करता था। तभी चोरी की वारदात हुई और शक उस नौजवान… अधिक पढ़ें बोलने से चुप रहना अधिक बेहतर है Bolane se chup rahana adhik behtar hai

प्रेम आपके व्यक्तित्व पर क्या प्रभाव डाल सकता है Prem aap ke vyaktitva par kya prabhav Dal sakta hai

कहा जाता है कि आदमी में कुछ भी परिवर्तन करना बहुत मुश्किल होता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है , व्यक्तित्व की गिली मिट्टी सूखकर सख्त होती जाती है। एक उम्र तक पहुंचने के बाद किसी में कुछ बदलना बहुत मुश्किल होता है। फिर इंसान सिर्फ खुद के दम पर ही कोई बड़ा परिवर्तन अपने… अधिक पढ़ें प्रेम आपके व्यक्तित्व पर क्या प्रभाव डाल सकता है Prem aap ke vyaktitva par kya prabhav Dal sakta hai

सबसे बड़ा ‘ उत्सव ’ पुरुषार्थ ही होता है sabse bada ‘utsav’ purusharth hi hota hai

एक बार एक शिष्य ने विनम्रतापूर्वक अपने गुरु जी से पूछा – ‘ गुरु जी ,कुछ लोग कहते हैं कि  जीवन एक संघर्ष है ,कुछ अन्य कहते हैं कि जीवन एक खेल है और कुछ जीवन को एक उत्सव की संज्ञा देते हैं। इनमें कौन सही है ? ’ गुरु जी ने तत्काल बड़े ही… अधिक पढ़ें सबसे बड़ा ‘ उत्सव ’ पुरुषार्थ ही होता है sabse bada ‘utsav’ purusharth hi hota hai

परिवार का भविष्य और संतान के संस्कार उनकी परवरिश पर ही निर्भर करता है Parivar ka bhavishya aur santan ke sanskar unki parvarish per hi nirbhar karta hai

 एक गांव में एक किसान रहता था । किसान के तीन बेटे थे और तीन बहुएं थीं । किसान के पास थोड़ी बहुत जमीन थी जिस में मेहनत कर के किसान की रोजी रोटी चलती थी। एक साल सूखे के कारण फसल नहीं हुई । किसान ने सोचा शहर में जाकर मेहनत मजदूरी कर के… अधिक पढ़ें परिवार का भविष्य और संतान के संस्कार उनकी परवरिश पर ही निर्भर करता है Parivar ka bhavishya aur santan ke sanskar unki parvarish per hi nirbhar karta hai

आपकी जीत को हार में बदल सकती है थोड़ी सी अशांति Aapki jeet ko Har mein badal sakti hai thodi si Ashanti

महाभारत युद्ध में भीष्म बाणों की शैया पर लेट चुके थे। कौरव सेना का सेनापति आचार्य द्रौण को नियुक्त किया गया। द्रौण भगवान परशुराम के शिष्य थे। युद्ध में उन्हें सिवाय परशुराम और अर्जुन के कोई हरा नहीं सकता था। युद्ध में उन्होंने कई हजार सैनिकों को मार दिया। चक्रव्यूह की रचना की , जिसमें… अधिक पढ़ें आपकी जीत को हार में बदल सकती है थोड़ी सी अशांति Aapki jeet ko Har mein badal sakti hai thodi si Ashanti