नव-वर्ष में शांति से उठाएं पहला कदम nav varsh me shanti se uthane pahla kadam

नया वर्ष , नया समय , नए निर्णय , नए सपने और उन्हें पूरा करने के लिए नया उत्साह। इस एक तारीख के गर्भ में आने वाले तीन सौ चौसठ दिन की कहानियां छिपी हैं। इसलिए नए के उत्साह का मतलब केवल सक्रियता ही न समझी जाए। यह पहली तारीख केवल दिमाग और शरीर को… अधिक पढ़ें नव-वर्ष में शांति से उठाएं पहला कदम nav varsh me shanti se uthane pahla kadam

अपना अपना देखने का नजरिया apna apna dekhne ka najriya

एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ नदी में स्नान कर रहे थे। तभी एक राहगीर वंहा से गुजरा तो महात्मा को नदी में नहाते देख वो उनसे कुछ पूछने के लिए रुक गया। वो संत से पूछने लगा महात्मन एक बात बताईये कि यंहा रहने वाले लोग कैसे है क्योंकि मैं अभी अभी… अधिक पढ़ें अपना अपना देखने का नजरिया apna apna dekhne ka najriya

हुनर को कोई दबा नहीं सकता hunar koi daba Nahin Sakta

   फलेरा नाम के धनी व्यक्ति के घर में एक अनपढ़ लड़का बर्तन मांजने का काम करता था। उसे जब भी फुर्सत मिलती , वह पास के एक मूर्तिकार के यहां चला जाता। वहां मूर्तियां बनते और पत्थर कटते वह बहुत ही ध्यान से देखता। अपनी लगन के कारण मूर्तियों को देख-देखकर ही मूर्तियां बनाने… अधिक पढ़ें हुनर को कोई दबा नहीं सकता hunar koi daba Nahin Sakta

हनुमान से सीखें ये सबसे महत्वपूर्ण संस्कार… Hanuman se sikhen yah sabse mahatvpurn sanskar

दूसरे का मान रखते हुए हम सम्मान अर्जित कर लें , इसमें गहरी समझ की जरूरत है। होता यह है कि जब हम अपनी सफलता , सम्मान या प्रतिष्ठा की यात्रा पर होते हैं , उस समय हम इसके बीच में आने वाले हर व्यक्ति को अपना शत्रु ही मानते हैं। महत्वाकांक्षा पूरी करने के… अधिक पढ़ें हनुमान से सीखें ये सबसे महत्वपूर्ण संस्कार… Hanuman se sikhen yah sabse mahatvpurn sanskar

मन ही माया है Man hi Maya hai

मन से मुक्त हो जाना ही संन्यास है। इसके लिए पहाड़ों पर या गुफाओं में जाने की कोई जरूरत नहीं है। दुकान में , बाजार में , घर में.. हम जहां भी हों , वहीं मन से छूटा जा सकता है..। संत लाख कहें कि संसार माया है , लेकिन सौ में से निन्यानबे संत… अधिक पढ़ें मन ही माया है Man hi Maya hai

रिश्ते की बुनियाद ही प्रेम है rishte ki buniyad hi prem hai

प्रेम नहीं हो तो रिश्तों में दूसरा कोई भाव अपना असर नहीं दिखाएगा। अगर मामला निजी संबंधों का हो तो उसमें अधिक सावधानी रखना होती है। हमारे सबसे करीबी संबंधों में जीवनसाथी सबसे ऊपर होता है। इस रिश्ते की बुनियाद ही प्रेम है। प्रेम हो यह अच्छा है, लेकिन प्रेम को भी नयापन चाहिए। एक… अधिक पढ़ें रिश्ते की बुनियाद ही प्रेम है rishte ki buniyad hi prem hai

व्यसन कोई भी ऐसा नहीं जिसे छोड़ा ना जा सके vyasan koi bhi aisa Nahin jise chhoda Na ja sake

एक समय शराब का एक व्यसनी एक संत के पास गया और विनम्र स्वर में बोला , ‘ गुरूदेव , मैं इस शराब के व्यसन से बहुत ही दु:खी हो गया हूँ। इसकी वजह से मेरा घर बरबाद हो रहा है। मेरे बच्चे भूखे मर रहे हैं , किन्तु मैं शराब के बगैर नही रह… अधिक पढ़ें व्यसन कोई भी ऐसा नहीं जिसे छोड़ा ना जा सके vyasan koi bhi aisa Nahin jise chhoda Na ja sake

कर्म Karma

सफलता के साथ शांति चाहिए तो अपने लिए भी जीएं । आज आप कितना भी काम कर लीजिए , लेकिन शाम को घर लौटते समय एक बेचैनी साथ लेकर ही जाएंगे। काम बहुत कर रहे हैं लेकिन संतुष्टि नहीं है। लोग सफलता की अंधी दौड़ में दौड़ तो रहे हैं , मनचाहा पैसा भी कमा… अधिक पढ़ें कर्म Karma

अमर क्रांतिकारी सूर्यसेन के बलिदान दिवस को हमें भूलना नहीं चाहिए Amar krantikari Surya Sen ke balidan divas ko hamen bhulna Nahin chahie

12 जनवरी प्रसिद्द क्रन्तिकारी अमर बलिदानी एवं अंग्रेजों को हिला कर रख देने वाले चटगांव शस्त्रागार काण्ड के मुख्य शिल्पी मास्टर सूर्यसेन का बलिदान दिवस है जिन्हें 1934 में 12 जनवरी के दिन ही फांसी पर लटका दिया गया। चटगांव (वर्तमान में बंगलादेश का जनपद) के नोआपारा में कार्यरत एक शिक्षक श्री रामनिरंजन के पुत्र के… अधिक पढ़ें अमर क्रांतिकारी सूर्यसेन के बलिदान दिवस को हमें भूलना नहीं चाहिए Amar krantikari Surya Sen ke balidan divas ko hamen bhulna Nahin chahie

समय ही ऐसा पदार्थ है जो एक निश्चित मात्रा में मनुष्य को मिलता है samay hi aisa padarth hai jo ek nishchit matra mein manushya ko milta hai

समय का सदुपयोग करना सीखें समय जितना कीमती और फिर न मिलने वाला तत्व है उतना उसका महत्व प्रायः हम लोग नहीं समझते। हममें से बहुत से लोग अपने समय का सदुपयोग बहुत ही कम करते हैं। आज का काम कल पर टालते और उस बचे हुए समय को व्यर्थ की बातों में नष्ट करते… अधिक पढ़ें समय ही ऐसा पदार्थ है जो एक निश्चित मात्रा में मनुष्य को मिलता है samay hi aisa padarth hai jo ek nishchit matra mein manushya ko milta hai