ईश्वर तू ही अन्नदाता है Ishwar Tu hi annadeta hai

किसी राज्य में एक प्रतापी राजा हुआ करता था। वो राजा रोज सुबह उठकर पूजा पाठ करता और गरीबों को दान देता। अपने इस उदार व्यवहार और दया की भावना की वजह से राजा पूरी जनता में बहुत लोकप्रिय हो गया था। रोज सुबह दरबार खुलते ही राजा के यहाँ गरीब और भिखारियों की लंबी… अधिक पढ़ें ईश्वर तू ही अन्नदाता है Ishwar Tu hi annadeta hai

सुकरात का आईना sukrat ka aaina

दार्शनिक सुकरात दिखने में कुरुप थे। वह एक दिन अकेले बैठे हुए आईना हाथ मे लिए अपना चेहरा देख रहे थे। तभी उनका एक शिष्य कमरे मे आया , सुकरात को आईना देखते हुए देख उसे कुछ अजीब लगा । वह कुछ बोला नही सिर्फ मुस्कराने लगा। विद्वान सुकरात शिष्य की मुस्कराहट देख कर सब… अधिक पढ़ें सुकरात का आईना sukrat ka aaina

ध्रुवतारे की निस्वार्थ भक्ति की प्रेरणादायक कथा Dhruv tare ki niswarth bhakti ki prernadayak katha

राजा उत्तानपाद ब्रह्माजी के मानस पुत्र स्वयंभू मनु के पुत्र थे। उनकी सनीति एवं सुरुचि नामक दो पत्नियाँ थीं। उन्हें सुनीति से ध्रुव एवं सुरुचि से उत्तम नामक पुत्र प्राप्त हुए। वे दोनों राजकुमारों से समान प्रेम करते थे। यद्यपि सुनीति ध्रुव के साथ-साथ उत्तम को भी अपना पुत्र मानती थीं , तथापि रानी सुरुचि… अधिक पढ़ें ध्रुवतारे की निस्वार्थ भक्ति की प्रेरणादायक कथा Dhruv tare ki niswarth bhakti ki prernadayak katha

स्वस्थ और सुखी जीवन का रहस्य swasth aur sukhi jivan ka rahasya

पुराने समय में एक राजा था। राजा के पास सभी सुख-सुविधाएं और असंख्य सेवक-सेविकाएं हर समय उनकी सेवा उपलब्ध रहते थे। उन्हें किसी चीज की कमी नहीं थी। फिर भी राजा उसके जीवन के सुखी नहीं था। क्योंकि वह अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी परेशान रहता था। वे सदा बीमारियों से घिरे रहते थे। राजा… अधिक पढ़ें स्वस्थ और सुखी जीवन का रहस्य swasth aur sukhi jivan ka rahasya

आत्म क्रांति से ही विवेक जागरण संभव है Aatm kranti se Vivek jagran sambhav hai

बुद्ध के पास एक राजकुमार दीक्षित हो गया , दीक्षा के दूसरे ही दिन किसी श्राविका के घर उसे भिक्षा लेने बुद्ध ने भेज दिया। वह वहां गया। रास्ते में दो – तीन घटनाएं एसी घटीं , लौटते में उनसे वह बहुत परेशान हो गया। रास्ते में उसके मन में खयाल आया कि मुझे जो… अधिक पढ़ें आत्म क्रांति से ही विवेक जागरण संभव है Aatm kranti se Vivek jagran sambhav hai

इर्ष्या , क्रोध और अपमान Elrshiya krodh aur apman

टोकियो के निकट एक महान ज़ेन मास्टर रहते थे , वो अब वृद्ध हो चुके थे और अपने आश्रम में ज़ेन बुद्धिज़्म की शिक्षा देते थे । एक नौजवान योद्धा , जिसने कभी कोई युद्ध नहीं हारा था। उसने सोचा की अगर मैं मास्टर को लड़ने के लिए उकसा कर उन्हें लड़ाई में हरा दूँ… अधिक पढ़ें इर्ष्या , क्रोध और अपमान Elrshiya krodh aur apman

माँ ईश्वर का भेजा फ़रिश्ता है Maa ishwar ka bheja farishta hai

एक समय की बात है एक बच्चे का जन्म होने वाला था। जन्म से कुछ क्षण पहले उसने भगवान् से पूछा – मैं इतना छोटा हूँ , खुद से कुछ कर भी नहीं पाता , भला धरती पर मैं कैसे रहूँगा , कृपया मुझे अपने पास ही रहने दीजिये , मैं कहीं नहीं जाना चाहता।… अधिक पढ़ें माँ ईश्वर का भेजा फ़रिश्ता है Maa ishwar ka bheja farishta hai

एक पिता की वसीयत भी और नसीहत भी Ek pita ki vasiyat bhi aur nasihat bhi

मुहम्मद अली अपने इलाके के मशहूर व्यक्ति थे। खुद की कपडे की एक छोटी फैक्ट्री थी , अच्छा घर और एक कार भी थी। जिंदगी बड़ी ऐशोआराम से बितायी थी अली साहब ने। लेकिन मौत पे किसका बस चला है , जब अन्त समय नजदीक आया तो मुहम्मद अली ने सोचा कि अपने बेटे के… अधिक पढ़ें एक पिता की वसीयत भी और नसीहत भी Ek pita ki vasiyat bhi aur nasihat bhi

ऐसे कर्म हों तो खराब किस्मत को भी बदला जा सकता है Aise karam ho to kharab kismat ko bhi badla ja sakta hai

एक बड़े ज्ञानी संत थे। उनका एक शिष्य था जो हमेशा उनके साथ रहता था। एक दिन संत ने अपने शिष्य को बुलाकर कहा कि मैं कहीं दूर योग साधना के लिए जा रहा हूं। तुम्हारी गुरु मां अभी गर्भवती हैं। उन्हें जल्दी ही संतान प्राप्ति होने वाली है। तुम उनके पास ही रहो। जब… अधिक पढ़ें ऐसे कर्म हों तो खराब किस्मत को भी बदला जा सकता है Aise karam ho to kharab kismat ko bhi badla ja sakta hai

अधिक धन, कष्ट का कारण Adhik dhan kasht ka Karan

किसी नगर में एक आदमी रहता था। वह पढ़ा-लिखा और चतुर था। एक बार उसमें धन कमाने की लालसा पैदा हुई। उसके लिए उसने प्रयत्न आरंभ किया। देखते-देखते उसके पास लाखों की संपदा हो गई , पर उसके पास ज्यों-ज्यों पैसा आता गया , उसका लोभ बढ़ता गया। साथ ही धन का ढेर भी ऊंचा… अधिक पढ़ें अधिक धन, कष्ट का कारण Adhik dhan kasht ka Karan