त्याग बिना यज्ञ का पुण्य भी व्यर्थ होता है। Tyag Bina yagya ka punya bhi vyarth hota hai.

एक बार का पुराना प्रसंग है। चारों ओर सूखा पडा था। अकाल था। कुछ खाने को नहीं मिल रहा था। एक परिवार को कई दिन इसी प्रकार भुखमरी मैं काटने पड़े। परिवार के लोग आसन्न – मरण बन गये। एक दिन उन्हें जौ का आटा मिला। परिवार ने सोचा , इसकी पांच रोटियां बनाएंगे। चारों… अधिक पढ़ें त्याग बिना यज्ञ का पुण्य भी व्यर्थ होता है। Tyag Bina yagya ka punya bhi vyarth hota hai.

आदर्श और मर्यादा की रक्षा करना ही सर्वश्रेष्ठ मानवता का प्रतीक है। Aadarsh aur maryada ki Raksha karna hi sarvshreshth manavta Ka Pratik hai.

शुक्राचार्य के पास जाकर कच संजीवनी विद्या का अध्ययन करने लगा। आचार्य ने छात्र को पुत्रवत् पाला और सांगोपांग ज्ञान देने में कोई कमी न रखी। आचार्य की कन्या देवयानी कच के साथ ही पढ़ती थी। बहुत दिन साथ – साथ रहते – रहते स्नेह सौजन्य भी दोनों में बहुत बढ़ गया था। अध्ययन पूरा… अधिक पढ़ें आदर्श और मर्यादा की रक्षा करना ही सर्वश्रेष्ठ मानवता का प्रतीक है। Aadarsh aur maryada ki Raksha karna hi sarvshreshth manavta Ka Pratik hai.

तप और त्याग की शक्ति मानव को अपराजित बना सकती है। Tap aur tyag ki Shakti manav ko aparajith banaa sakti hai.

देवता और असुरों का युद्ध बहुत दिन चलता रहा। असुर तगड़े पड़े। देवता अपनी सज्जनता वश उतनी धूर्तता बरत न पाते थे जितने निश्शंक होकर असुर छल करते थे। वृत्तासुर के नेतृत्व में असुरों की विजय दुंदभी बजने लगी। निराश देवता ब्रह्माजी के पास पहुँचे और पूछा – भगवन् विजय के लिए हम किस अस्त्र… अधिक पढ़ें तप और त्याग की शक्ति मानव को अपराजित बना सकती है। Tap aur tyag ki Shakti manav ko aparajith banaa sakti hai.

राजा दुष्यंत और शकुन्तला की प्रेम गाथा Raja Dushyant aur Shakuntala ki Prem Gatha

एक बार हस्तिनापुर नरेश दुष्यंत आखेट खेलने वन में गये। जिस वन में वे शिकार के लिये गये थे उसी वन में कण्व ऋषि का आश्रम था। कण्व ऋषि के दर्शन करने के लिये महाराज दुष्यंत उनके आश्रम पहुँच गये। पुकार लगाने पर एक अति लावण्यमयी कन्या ने आश्रम से निकल कर कहा, हे राजन्!… अधिक पढ़ें राजा दुष्यंत और शकुन्तला की प्रेम गाथा Raja Dushyant aur Shakuntala ki Prem Gatha

गणेश जी ने बुढ़िया को दिया वरदान Ganesh Ji ne budhiya ko Diya vardan

गणेश जी विघ्न विनाशक व शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। अगर कोई सच्चे मन से गणेश जी की वंदना करता है, तो गौरी नंदन तुरंत प्रसन्न होकर उसे आशीर्वाद प्रदान करते हैं। वैसे भी गणेश जी जिस स्थान पर निवास करते हैं, उनकी दोनों पत्नियां ऋद्धि तथा सिद्धि भी उनके साथ रहती हैं, उनके… अधिक पढ़ें गणेश जी ने बुढ़िया को दिया वरदान Ganesh Ji ne budhiya ko Diya vardan

जब हनुमान जी ने तीनों का घमंड चूर – चूर कर दिया jab Hanuman Ji ne teeno Ka ghamand choor – choor Kar Diya

संसार में किसी का कुछ नहीं। ख्वाहमख्वाह अपना समझना मूर्खता है, क्योंकि अपना होते हुए भी, कुछ भी अपना नहीं होता। इसलिए हैरानी होती है,घमण्ड क्यों ? किसलिए ? किसका ?कुछ रुपये दान करने वाला यदि यह कहे कि उसने ऐसा किया है, तो उससे बड़ा मुर्ख और कोई नहीं और ऐसे भी हैं, जो… अधिक पढ़ें जब हनुमान जी ने तीनों का घमंड चूर – चूर कर दिया jab Hanuman Ji ne teeno Ka ghamand choor – choor Kar Diya

जानें भगवान शंकर के पूर्ण रूप काल भैरव की महिमा jaane bhagwan Shankar ke purn roop kaal bhairav mahima

भगवान शंकर के पूर्ण रूप काल भैरवएक बार सुमेरु पर्वत पर बैठे हुए ब्रम्हाजी के पास जाकर देवताओं ने उनसे अविनाशी तत्व बताने का अनुरोध किया। शिवजी की माया से मोहित ब्रह्माजी उस तत्व को न जानते हुए भी इस प्रकार कहने लगे – मैं ही इस संसार को उत्पन्न करने वाला स्वयंभू, अजन्मा, एक… अधिक पढ़ें जानें भगवान शंकर के पूर्ण रूप काल भैरव की महिमा jaane bhagwan Shankar ke purn roop kaal bhairav mahima

भीष्म पितामह का जन्म और उनकी अखंड प्रतिज्ञा bhishm pitamah ka janm aur unki akhand pratigya

भीष्म पितामह का जन्म और उनकी अखंड प्रतिज्ञा bhishm pitamah ka janm aur unki akhand pratigya एक बार हस्तिनापुर के महाराज प्रतीप गंगा के किनारे तपस्या कर रहे थे। उनके रूप-सौन्दर्य से मोहित होकर गंगा उनकी जाँघ पर आकर बैठ गईं। गंगा ने कहा- “हे राजन! मैं ऋषि की पुत्री गंगा हूँ और आपसे विवाह… अधिक पढ़ें भीष्म पितामह का जन्म और उनकी अखंड प्रतिज्ञा bhishm pitamah ka janm aur unki akhand pratigya

जीवन में आनंद और उत्साह लाने वाली मित्रता जैसे दूसरी कोई चीज नहीं है jivan mein Anand aur utsah laane wali mitrata Jaise dusri koi chij Nahin hai

दीवार खड़ी कर दो और पुल बना दो। प्रसन्नता में फर्क पड़ेगा या नहीं ?मशीन में रेत डाल दो और तेल डाल दो। मशीन की कार्यशैली में फर्क पड़ेगा या नहीं ?दूध में नींबू डाल दो और जामन डाल दो।दूध के रूपांतरण में कोई फर्क पड़ेगा या नहीं ?जीवों के साथ तुम यदि मित्रता करते… अधिक पढ़ें जीवन में आनंद और उत्साह लाने वाली मित्रता जैसे दूसरी कोई चीज नहीं है jivan mein Anand aur utsah laane wali mitrata Jaise dusri koi chij Nahin hai

दूसरों के आंसू पोंछने का प्रयत्न करना यही सच्ची कीर्ति है dusron ke aansu pahunchne Ka prayatn Karna yahi sacchi Kirti hai

विपुल संपत्ति, असीम सत्ता, गजब का सौंदर्य, अद्भुत पराक्रम ये सब कीर्ति के कारण अवश्य है, पर यह सभी कारण स्थायी नहीं है।किसी भी क्षण तुम भिखारी बन सकते हो, किसी भी क्षण तुम सत्ताभ्रष्ट हो सकते हो, किसी भी पल तुम्हारे सौंदर्य में कमी आ सकती है और किसी भी क्षण तुम्हारा शरीर में… अधिक पढ़ें दूसरों के आंसू पोंछने का प्रयत्न करना यही सच्ची कीर्ति है dusron ke aansu pahunchne Ka prayatn Karna yahi sacchi Kirti hai