पिता ने पुत्र को जीवन के आठ अनमोल रहस्य बताये pita ne Putra ko jivan ke aath Anmol Rahasya bataen

एक सेठ जी अंतिम समय में बेटे को सीख देते हैं। कहते हैं – यह आठ बातों का ध्यान से सुन कर जीवन में उतारोगे तो कहीं भी ठोकर या कष्ट नहीं उठाना पड़ेगा। सदा आनंद में रहोगे। कोई भी समस्या आ भी जाए तो उससे निपटने में सक्षम बन जाओगे।पहली बात – हमेशा मीठा… अधिक पढ़ें पिता ने पुत्र को जीवन के आठ अनमोल रहस्य बताये pita ne Putra ko jivan ke aath Anmol Rahasya bataen

जीवन का सत्य jivan ka Satya

एक व्यक्ति आध्यात्मिक ज्ञान की आशा में एक संत के पास पहुंचा। संत ने उसे एक राजा के पास जाने को कहा। वह व्यक्ति राजा के पास पहुंचा। राजा उसे अपने दरबार में ले गया। वहां का दृश्य देखकर वह व्यक्ति दंग रह गया। वहां नर्तकियां नृत्य कर रही थीं। लोग बैठकर मदिरा का सेवन… अधिक पढ़ें जीवन का सत्य jivan ka Satya

अपने-अपने पाप और पुण्य का फल सबको मिलता है Apne Apne Paap Aur Punya Ka Fal Sabko Milta Hai

एक बड़ा सेठ था। जिसका नाम कार्तिक सेठ था। उसके यहां 1008 मुनीम काम करते थे। एक बार वहां के राजा के गुरु शहर में आये। नगर के सभी लोग राजा के गुरु के दर्शन करने के लिए गए लेकिन कार्तिक सेठ नहीं गये क्योंकि वह शुद्ध देव गुरु धर्म के प्रति अनन्य आस्थाशील थे।… अधिक पढ़ें अपने-अपने पाप और पुण्य का फल सबको मिलता है Apne Apne Paap Aur Punya Ka Fal Sabko Milta Hai

मन सफा तो हर किसी से वफ़ा Man Safa To Har Kisi Se Wafa

एक व्यक्ति ऑटो में रेलवे स्टेशन जा रहा था, ऑटो वाला बड़े आराम से ऑटो चला रहा था। एक कार अचानक ही पार्किंग से निकलकर रोड पर आ गई। ऑटो ड्राइवर ने तेजी से ब्रेक लगाया और कार ऑटो से टकराते टकराते बची।कार चला रहा आदमी गुस्से में ऑटो वाले को ही भला बुरा कहने… अधिक पढ़ें मन सफा तो हर किसी से वफ़ा Man Safa To Har Kisi Se Wafa

धर्म की प्यास Dharm ki pyas

एक संत साधना में ही समय पूरा बिताते थे। गांव वालों ने विनंती कि हमारा गांव पवित्र करो हमें आपकी अमृतवाणी सुनने का सौभाग्य प्राप्त कराओ। तब मुनिराज पधारे गांव।गांव वाले ने विनंती की प्रवचन का समय बताये। तब मुनिराज ने कहा मुझे साधना से समय नहीं मिलता इसीलिए रविवार को प्रवचन दूंगा। तब सारी… अधिक पढ़ें धर्म की प्यास Dharm ki pyas

जैन धर्म में रात्रि भोजन क्यों नहीं करते हैं Jain Dharm Mein Ratri Bhojan Kyon Nahin Karte Hain

चंपापुर नगर में एक सेठ और सेठानी थे। दोनों बहुत ही धर्मात्मा दयालु थे। उसी नगर में एक साफ सफाई करने वाली, भीख मांग कर खाने वाले, मजदूरी करके जैसे तैसे मुश्किल से कमाने वाले गरीब मेतर पति पत्नी रहते थे। जिनमें आपस में अच्छा प्रेम था। दिन भर जो भी मिलता वह रात को… अधिक पढ़ें जैन धर्म में रात्रि भोजन क्यों नहीं करते हैं Jain Dharm Mein Ratri Bhojan Kyon Nahin Karte Hain

संत कबीरदास जी ने ली राजा की परीक्षा sant KabirDas ji ne Li Raja ki Pariksha

सादा – जीवन और उच्च विचार रखने वाले कबीर दास की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी और बनारस के राजा बीर सिंह भी कबीर दास जी के भक्तों में से एक थे। जब कभी कबीरदास राजा से मिलने जाते तो राजा स्वयं कबीर दास जी के चरणों में बैठ जाते और उन्हें राज-गद्दी पर… अधिक पढ़ें संत कबीरदास जी ने ली राजा की परीक्षा sant KabirDas ji ne Li Raja ki Pariksha

देने का आनंद असीम है Dene Ka Anand Aseem hai

एक बार एक शिक्षक संपन्न परिवार से सम्बन्ध रखने वाले एक युवा शिष्य के साथ कहीं टहलने निकले। उन्होंने देखा की रास्ते में पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते उतरे पड़े हैं , जो संभवतः पास के खेत में काम कर रहे गरीब मजदूर के थे जो अब अपना काम ख़त्म कर घर वापस जाने… अधिक पढ़ें देने का आनंद असीम है Dene Ka Anand Aseem hai

मर्कट को उपकार के बदले में मिला विश्वासघात Market ko Upkar ke badle mein Mila VishwasGhat

हिमवंत के निर्जन वन में कभी एक महान मर्कट रहा करता था। शीलवान् , दयावान और एकांतप्रिय वह सदा ही फल-फूल और सात्विक आहार के साथ अपना जीवन- यापन करता था। एक दिन एक चरवाहा अपने जानवरों की खोज में रास्ता भूल उसी वन में भटक गया। भूख प्यास से व्याकुल जब उसने एक पेड़… अधिक पढ़ें मर्कट को उपकार के बदले में मिला विश्वासघात Market ko Upkar ke badle mein Mila VishwasGhat

क्रोध पर विजय शांति और आत्मविश्वास से ही पाया जा सकता है Krodh per Vijay Shanti aur atmavishwas se hi Paya ja sakta hai

एक बार श्रीकृष्ण , बलराम और सात्यकि एक वन में भटक गये। उन्होंने एक वृक्ष के नीचे रात्रि बिताने का विचार किया। यह भी निर्णय किया कि प्रत्येक , दो-दो घंटे पहरा देगा। आरंभ में सात्यकि जागता रहा और अन्य दोनों सो गये। थोडी देर बाद एक ब्रह्मराक्षस पेड़ से कूदा। उसने सात्यकि को धमकाया… अधिक पढ़ें क्रोध पर विजय शांति और आत्मविश्वास से ही पाया जा सकता है Krodh per Vijay Shanti aur atmavishwas se hi Paya ja sakta hai