काबिलियत की पहचान kabiliyat ki pahchan

किसी जंगल में एक बहुत बड़ा तालाब था। तालाब के पास एक बागीचा था , जिसमे अनेक प्रकार के पेड़ पौधे लगे थे । दूर- दूर से लोग वहाँ आते और बागीचे की तारीफ करते। गुलाब के पेड़ पे लगा पत्ता हर रोज लोगों को आते-जाते और फूलों की तारीफ करते देखता , उसे लगता… अधिक पढ़ें काबिलियत की पहचान kabiliyat ki pahchan

हम कभी भी अपनी पूरी क्षमता का एहसास नहीं कर पाते हैं Ham kabhi bhi apni Puri kshamta ka ehsas nahin kar paate Hain

एक दार्शनिक अपने एक शिष्य के साथ कहीं से गुजर रहा था। चलते-चलते वे एक खेत के पास पहुंचे। खेत अच्छी जगह स्थित था लेकिन उसकी हालत देखकर लगता था मानो उसका मालिक उस पर जरा भी ध्यान नहीं देता है। खैर , दोनों को प्यास लगी थी सो वे खेत के बीचो-बीच बने एक… अधिक पढ़ें हम कभी भी अपनी पूरी क्षमता का एहसास नहीं कर पाते हैं Ham kabhi bhi apni Puri kshamta ka ehsas nahin kar paate Hain

किसान की घड़ी kisan ki ghadi

एक बार एक किसान की घड़ी कहीं खो गयी। वैसे तो घडी कीमती नहीं थी पर किसान उससे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ था और किसी भी तरह उसे वापस पाना चाहता था। उसने खुद भी घडी खोजने का बहुत प्रयास किया , कभी कमरे में खोजता तो कभी बाड़े में तो कभी अनाज के… अधिक पढ़ें किसान की घड़ी kisan ki ghadi

त्याग और लोभ tyag aur lobh

            किसी नगर में एक सेठ रहता था। उसके पास बहुत धन था। उसकी तिजोरियां हमेशा मोहरों से भरी रहती थीं , लेकिन उसका लोभ कम नहीं होता था। जैसे-जैसे धन बढ़ता जाता था , उसकी लालसा और भी बढ़ती जाती थी।              सेठ बहुत ही कंजूस था। कभी किसी को एक कौड़ी भी नहीं… अधिक पढ़ें त्याग और लोभ tyag aur lobh

ईश्वर या धन ? Ishwar ya dhan

आप क्या चाहते हैं ? एक बार एक नगर के राजा के यहाँ पुत्र पैदा हुआ। इस खुशी में राजा ने पूरे नगर में घोषणा करवा दी कि कल पूरी जनता के लिए राजदरबार खोल दिया जायेगा। जो व्यक्ति सुबह आकर सबसे पहले जिस चीज़ को हाथ लगाएगा वो उसी की हो जाएगी। पूरे राज्य… अधिक पढ़ें ईश्वर या धन ? Ishwar ya dhan

पड़े निन्यानवे के चक्कर में pade Ninyanve ke chakkar mein

सेठ करोड़ी मल पैसे से तो करोड़पति था मगर खर्च करने के मामले में महाकंजूस। उसका ये हाल था कि चमड़ी जाये पर दमड़ी न जाए। उस की इस आदत से उसके बीवी बच्चे बहुत परेशान थे। सब कुछ होते हुए भी करोड़ी मल खाने पीने तक में कंजूसी करता था। उसका बस चले तो… अधिक पढ़ें पड़े निन्यानवे के चक्कर में pade Ninyanve ke chakkar mein

अपनी कमजोरी को भी अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। Apni kamjori ko bhi apni sabse badi takat banaya

जापान के एक छोटे से कस्बे में रहने वाले दस वर्षीय ओकायो को जूडो सीखने का बहुत शौक था । पर बचपन में हुई एक दुर्घटना में बायाँ हाथ कट जाने के कारण उसके माता -पिता उसे जूडो सीखने की आज्ञा नहीं देते थे । अब वो बड़ा हो रहा था और उसकी जिद्द भी… अधिक पढ़ें अपनी कमजोरी को भी अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। Apni kamjori ko bhi apni sabse badi takat banaya

नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का Nit abhyas se darshan kar sakte hain ishwar ka

सभी शास्त्र कहते हैं कि बिना भगवान को प्राप्त किये मुक्ति नहीं मिल सकती है। इसलिए भगवान की तलाश के लिए कोई व्यक्ति मंदिर जाता है तो कोई मस्जिद , कोई गुरूद्वारा , तो कोई गिरजाघर। लेकिन इन सभी स्थानों में जड़ स्वरूप भगवान होता है। अर्थात ऐसा भगवान होता है जिसमें कोई चेतना नहीं… अधिक पढ़ें नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का Nit abhyas se darshan kar sakte hain ishwar ka

जब हवा चलती है तो मैं सोता हूँ jab hawa chalti hai to main sota hun

बहुत समय पहले की बात है , आइस्लैंड के उत्तरी छोर पर एक किसान रहता था । उसे अपने खेत में काम करने वालों की बड़ी ज़रुरत रहती थी। लेकिन ऐसी खतरनाक जगह , जहाँ आये दिन आंधी – तूफ़ान आते रहते हों , कोई काम करने को तैयार नहीं होता था । किसान ने… अधिक पढ़ें जब हवा चलती है तो मैं सोता हूँ jab hawa chalti hai to main sota hun

बैंक में जमा पूंजी बढ़ाने के समान है सेवा Bank me jama punji badhane ke Saman hi seva

भगवान आपसे कुछ नहीं चाहता। जब आप कुछ भी करते हैं सिर्फ उसका आनंद प्राप्त करने के लिए और उसमें से कुछ भी नहीं चाहते, वही सेवा है। सेवा से आपको तत्काल संतोष और दीर्घकालिक आनंद प्राप्त होता है। अपने भीतर भगवान को देखना ध्यान है और आपके बाजू के व्यक्ति में भगवान को देखना… अधिक पढ़ें बैंक में जमा पूंजी बढ़ाने के समान है सेवा Bank me jama punji badhane ke Saman hi seva