त्याग में ही सुख है। Tyag mein hi sukh hai.

     कौशांबी में संत रामानंद नगर के बाहर एक कुटिया में अपने शिष्य गौतम के साथ रहते थे। नगरवासी उनका सम्मान करते हुए उन्हें पर्याप्त दान-दक्षिण दिया करते थे। एक दिन अचानक संत ने गौतम से कहा – यहां बहुत दिन रह लिया। चलो अब कहीं और रहा जाए। गौतम ने जवाब दिया – गुरुदेव… अधिक पढ़ें त्याग में ही सुख है। Tyag mein hi sukh hai.

खराब विचार हमारे शत्रु है kharab vichar hamare shatru Hain

आंखें बंद करें और सोचे कि ” हमारे सुख के शत्रु कौन हैं ? “ तो हमारे आंखों के समक्ष दरिद्रता , शरीर की रोगिष्ट अवस्था , निष्फलता , उपेक्षा , अपमान इत्यादि तत्व आ जाएंगे , पर वास्तविकता यह है कि हमारे पास सद् विचारों की पूंजी न होने के कारण इन सब तत्वों… अधिक पढ़ें खराब विचार हमारे शत्रु है kharab vichar hamare shatru Hain

कर्म से पहले अंजाम सोचे karm se pahle anjam soche

एक बार राजा नगरचर्या में निकले। रास्ते में देखा कि एक बैरागी चिल्ला रहा था , ‘ एक सुवचन एक लाख । ‘ राजा को जिज्ञासा हुई। राजा ने बैरागी से पूछा , तो जवाब मिला कि यदि आप धनराशि दे , तो ही आपको सुवचन प्राप्त होगा। राजा ने अपने वजीर से कहकर धनराशि… अधिक पढ़ें कर्म से पहले अंजाम सोचे karm se pahle anjam soche

पर – कष्ट निवारे वही शिक्षा है। Per – kasht niwari vahi shiksha hai.

परीक्षा लिए बिना जब गुरु ने अपने तीनों शिष्यों की शिक्षा पूरी होने की बात बताकर घर जाने को कहा तो उन्हें आश्‍चर्य तो हुआ किंतु गुरु को प्रणाम कर तीनों चलें। मार्ग में एक जगह कांटे बिखरे पड़े थे। इसे देखकर एक बार तो तीनों शिष्य रुक गये। पर कुछ देर बाद तीनों की… अधिक पढ़ें पर – कष्ट निवारे वही शिक्षा है। Per – kasht niwari vahi shiksha hai.

प्रजा का सच्चा प्रजापालक होना एक महान शासक की निशानी है। Praja ka saccha praja Palak Hona ek mahan shasak ki nishani hai.

एक बार महाराजा अशोक के राज्य में अकाल पड़ा। जनता भूख तथा प्यास से त्रस्त हो उठी। राजा ने तत्काल राज्य में अन्न के भंडार खुलवा दिए। सुबह से लेने वालों का ताँता लगता और शाम तक न टूटता। एक दिन संध्या हो गई। जब सब लेने वाले निपट गए तो एक कृशकाय बूढ़ा उठा… अधिक पढ़ें प्रजा का सच्चा प्रजापालक होना एक महान शासक की निशानी है। Praja ka saccha praja Palak Hona ek mahan shasak ki nishani hai.

लज्जा ही नारी का सच्चा आभूषण है। Lajja hi nari ka saccha abhushan hai.

मगध की सौंदर्य साम्राज्ञी वासवदत्ता उपवन विहार के लिए निकली। उसका साज शृंगार उस राजवधू की तरह था जो पहली बार ससुराल जाती है। एकाएक दृष्टि उपवन – ताल के किनारे स्फटिक शिला पर बैठे तरुण संन्यासी उपगुप्त पर गई। चीवरधारी ने बाह्य सौंदर्य को अंतर्निष्ठ कर लिया था और उस आनंद में कुछ ऐसा… अधिक पढ़ें लज्जा ही नारी का सच्चा आभूषण है। Lajja hi nari ka saccha abhushan hai.

मैं जो कल था आज वह में नहीं हुं main Jo kal tha aaj vah main Nahin hun

एक बौद्ध धर्मगुरु थे। उनके दर्शनों के लिए लोग अक्सर आश्रम में आते थे। स्वामीजी बड़ी उदारता से सबसे मिलते – बात करते और उनकी समस्याओं का समाधान करते। रोज स्वामीजी के पास दर्शनार्थी की भीड़ लगी रहती थी। स्वामीजी की प्रशंसा सुनकर एक साधारण ग्रामीण बहुत प्रभावित हुआ। वह भी स्वामीजी के दर्शानार्थ आश्रम… अधिक पढ़ें मैं जो कल था आज वह में नहीं हुं main Jo kal tha aaj vah main Nahin hun

माता-पिता ही दुनिया के सर्वप्रथम शिक्षक होते हैं। Mata – pita he duniya ke sarvpratham shikshak hote Hain.

सायंकाल का समय था। सभी पक्षी अपने अपने घोंसले में जा रहे थे। तभी गांव कि चार औरतें कुएं पर पानी भरने आई और अपना – अपना मटका भरकर बतयाने बैठ गई। इस पर पहली औरत बोली अरे ! भगवान मेरे जैसा लड़का सबको दे। उसका कंठ इतना सुरीला हें कि सब उसकी आवाज सुनकर… अधिक पढ़ें माता-पिता ही दुनिया के सर्वप्रथम शिक्षक होते हैं। Mata – pita he duniya ke sarvpratham shikshak hote Hain.

भाग्य से बढ़कर पुरूषार्थ है bhagya se badhkar purusharth hai

राजा विक्रमादित्य के पास सामुद्रिक लक्षण जानने वाला एक ज्योतिषी पहुँचा। विक्रमादित्य का हाथ देखकर वह चिंतामग्न हो गया। उसके शास्त्र के अनुसार तो राजा दीन , दुर्बल और कंगाल होना चाहिए था , लेकिन वह तो सम्राट थे , स्वस्थ थे। लक्षणों में ऐसी विपरीत स्थिति संभवतः उसने पहली बार देखी थी। ज्योतिषी की… अधिक पढ़ें भाग्य से बढ़कर पुरूषार्थ है bhagya se badhkar purusharth hai

इस दुनिया में श्रेष्ठ और महान कौन ? Is duniya mein shreshth aur mahan kaun ?

एक बार मगध के सम्राट बिम्बिसार संत सत्यकेतु के आश्रम में पहुंचे और दण्डवत होकर निवेदन किया कि भगवन इस विश्व में श्रेष्ठ और महान व्यक्ति कौन है ? सत्यकेतु ने सामने खेत में काम कर रही एक अधिक उम्र की वृद्धा की ओर संकेत करते हुए कहा- ‘ उधर देखिए, उस वृद्धा के शरीर… अधिक पढ़ें इस दुनिया में श्रेष्ठ और महान कौन ? Is duniya mein shreshth aur mahan kaun ?