निरंतर सत्संग से दुर्जन भी सज्जन हो जाते हैं nirantar satsang se durjan bhi sajjan ho jaate Hain

महात्मा बुद्ध एक गाँव में ठहरे हुए थे। वे प्रतिदिन शाम को वहाँ पर सत्संग करते थे। भक्तों की भीड़ होती थी , क्योंकि उनके प्रवचनों से जीवन को सही दिशा बोध प्राप्त होता था। बुद्ध की वाणी में गजब का जादू था। उनके शब्द श्रोता के दिल में उतर जाते थे। एक युवक प्रतिदिन… अधिक पढ़ें निरंतर सत्संग से दुर्जन भी सज्जन हो जाते हैं nirantar satsang se durjan bhi sajjan ho jaate Hain

कभी-कभी मूर्ख बनना भी फायदेमंद होता है Kabhi Kabhi murkh banna bhi faydemand hota hai

मुल्ला नसीरुद्दीन की बुद्धि और प्रतिभा की लोग बहुत तारीफ़ करते थे। कुछ लोग उनको मुर्ख गधा भी कहते थे। उनके बुद्धिचातुर्य के बारे में एक एक कथा बहुत प्रचलित है जो दोस्तों हम आपको आज सुनाते है। एक समय में मुल्ला नसीरुद्दीन इतने गरीब हो गये कि उनको घर घर भटक के भीख माँगना… अधिक पढ़ें कभी-कभी मूर्ख बनना भी फायदेमंद होता है Kabhi Kabhi murkh banna bhi faydemand hota hai

पूरी दुनिया में यही पर ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर है Puri duniya mein yahi per Brahma ji ka ekmatra mandir hai

हिन्दू सनातन धर्म में प्रायः त्रिदेवो ब्रह्मा , विष्णु तथा महेश को अन्य देवो में प्रधानता दी गयी है जिनमे ब्रह्माजी सृष्टि के रचियता है , भगवान विष्णु पालनहार व भगवान शिव संहारकर्ता है।  भारत में आपको भगवान विष्णु और शिव के असंख्य मंदिर बड़े आसनी से मिल जायेंगे परन्तु ब्रह्मा जी का मंदिर आपको भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया में सिर्फ… अधिक पढ़ें पूरी दुनिया में यही पर ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर है Puri duniya mein yahi per Brahma ji ka ekmatra mandir hai

आत्म – कल्याण ही मनुष्य जीवन का सच्चा लक्ष्य है aatm Kalyan hi manushya jeevan ka saccha lakshya hai

   एक नवयुवक एक सिद्ध महात्मा के आश्रम में आया करता था। महात्मा उनकी सेवा से प्रसन्न हो बोले – बेटा ” आत्म – कल्याण ही मनुष्य जीवन का सच्चा लक्ष्य है इसे ही पूरा करना चाहिए। ’’ यह सुन युवक ने कहा – महाराज वैराग्य धारण करने पर मेरे माता – पिता कैसे जीवित… अधिक पढ़ें आत्म – कल्याण ही मनुष्य जीवन का सच्चा लक्ष्य है aatm Kalyan hi manushya jeevan ka saccha lakshya hai

अपने हर काम में कुछ इस तरह ढूंढें आनंद Apne har kaam mein Kuch is Tarah dhundhe Anand

एक गांव में कुछ मजदूर पत्थर के खंभे बना रहे थे। उधर से एक संत गुजरे। उन्होंने एक मजदूर से पूछा – यहां क्या बन रहा है ? उसने कहा – देखते नहीं पत्थर काट रहा हूं ? संत ने कहा – हां , देख तो रहा हूं। लेकिन यहां बनेगा क्या ? मजदूर झुंझला… अधिक पढ़ें अपने हर काम में कुछ इस तरह ढूंढें आनंद Apne har kaam mein Kuch is Tarah dhundhe Anand

प्रतिभा और ज्ञान Pratibha aur gyan

एक संत को जंगल में एक नवजात शिशु मिला। वह उसे अपने घर जे आए। उन्होंने उसका नाम जीवक रखा। उन्होंने जीवक को अच्छी शिक्षा – दीक्षा प्रदान की। जब वह बड़ा हुआ तो उसने संत से पूछा , ‘गुरुजी , मेरे माता -पिता कौन हैं ? ‘ संत को जीवक के मुंह से यह… अधिक पढ़ें प्रतिभा और ज्ञान Pratibha aur gyan

कर्म करो तभी मिलेगा karam karo tabhi milega

कौरवों की राजसभा लगी हुई है। एक ओर कोने में पाण्डव भी बैठे हैं। दुर्योधन की आज्ञा पाकर दुःशासन उठता है और द्रौपदी को घसीटता हुआ राजसभा में ला रहा है। आज दुष्टों के हाथ उस अबला की लाज लूटी जाने वाली है। उसे सभा में नंगा किया जाएगा। वचनबद्ध पाण्डव सिर नीचा किए बैठे… अधिक पढ़ें कर्म करो तभी मिलेगा karam karo tabhi milega

उपाली और महात्मा बुद्ध upali aur mahatma buddh

उपाली बहुत ही धनी व्यक्ति था और गौतम बुद्ध के ही समकालीन एक अन्य धार्मिक गुरु निगंथा नाथपुत्ता का शिष्य था। नाथपुत्ता के उपदेश बुद्ध से अलग प्रकार के थे। उपाली एक बहुत ही विलक्षण वक्ता था और वाद-विवाद में भी बहुत ही कुशल था। उसके गुरु ने उसे एक दिन कहा कि वह कर्म… अधिक पढ़ें उपाली और महात्मा बुद्ध upali aur mahatma buddh

सेवाभावी की कसौटी sevabhavi ki kasauti

स्वामी जी का प्रवचन समाप्त हुआ। अपने प्रवचन में उन्होंने सेवा – धर्म की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला और अन्त में यह निवेदन भी किया कि जो इस राह पर चलने के इच्छुक हों , वह मेरे कार्य में सहयोगी हो सकते हैं। सभा विसर्जन के समय दो व्यक्तियों ने आगे बढ़कर अपने… अधिक पढ़ें सेवाभावी की कसौटी sevabhavi ki kasauti

कठोर से कठोर व्यक्ति में भी नरम हृदय होता है kathor se kathor vyakti mein bhi naran hriday hota hai

काशी के एक संत के पास एक छात्र आया और बोला- गुरुदेव , आप प्रवचन करते समय कहते हैं कि कटु से कटु वचन बोलने वाले के अंदर भी नरम हृदय हो सकता है। मुझे विश्वास नहीं होता। संत यह सुनकर गंभीर हो गए। उन्होंने कहा- मैं इसका जवाब कुछ समय बाद ही दे पाऊंगा।… अधिक पढ़ें कठोर से कठोर व्यक्ति में भी नरम हृदय होता है kathor se kathor vyakti mein bhi naran hriday hota hai