जो होता है अच्छे के लिए होता है, शुक्रिया करो रब का Jo hota hai acche ke liye hota hai, shukriya karo Rab Ka

अपने बचपन में एक कहानी सुनी होगी कि एक राजा का अंगूठा कट गया। उसने यह बात मंत्री को बताई। मंत्री ने कहा, ‘उदास ना हो राजन जो होता है अच्छे के लिए होता है।’ राजा यह बात सुनकर क्रोधित हो गया कि उसका तो अंगूठा कट गया और मंत्री कह रहा है जो होता… अधिक पढ़ें जो होता है अच्छे के लिए होता है, शुक्रिया करो रब का Jo hota hai acche ke liye hota hai, shukriya karo Rab Ka

मृत्यु से छुटकारा तभी मिलेगा जब तुम मोह करना छोड़ दोगे Mrityu se chutkara tabhi milega jab tum moh karna chod doge

किसी नगर में एक आदमी रहता था। वह पढ़ा – लिखा और चतुर भी था। उसके भीतर धन कमाने की लालसा थी। जब पुरुषार्थ को भाग्य का सहयोग मिला तो उसके पास लाखों की संपदा हो गई। ज्यों – ज्यों पैसा आता गया उसका लोभ बढ़ता गया। वह बड़ा खुश था कि कहां तो उसके… अधिक पढ़ें मृत्यु से छुटकारा तभी मिलेगा जब तुम मोह करना छोड़ दोगे Mrityu se chutkara tabhi milega jab tum moh karna chod doge

चिंता ‘चिता’ समान और चिंतन ‘अमृत’ की तरह chinta ‘Chita’ saman hai aur Chintan ‘Amrit’ ki tarah

आयुर्वेद में दो प्रकार के रोग बताए गए हैं। पहला, शारीरिक रोग और दूसरा, मानसिक रोग। जब शरीर का रोग होता है, तो मन पर और मन के रोग का शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। शरीर और मन का गहरा संबंध है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, अंधकार, ईर्ष्‍या, द्वेष आदि मनोविकार हैं। ये मन… अधिक पढ़ें चिंता ‘चिता’ समान और चिंतन ‘अमृत’ की तरह chinta ‘Chita’ saman hai aur Chintan ‘Amrit’ ki tarah

राजा दुष्यंत और शकुन्तला की प्रेम गाथा Raja Dushyant aur Shakuntala ki Prem Gatha

एक बार हस्तिनापुर नरेश दुष्यंत आखेट खेलने वन में गये। जिस वन में वे शिकार के लिये गये थे उसी वन में कण्व ऋषि का आश्रम था। कण्व ऋषि के दर्शन करने के लिये महाराज दुष्यंत उनके आश्रम पहुँच गये। पुकार लगाने पर एक अति लावण्यमयी कन्या ने आश्रम से निकल कर कहा, हे राजन्!… अधिक पढ़ें राजा दुष्यंत और शकुन्तला की प्रेम गाथा Raja Dushyant aur Shakuntala ki Prem Gatha

परेशानियों को अपने दिमाग में घर मत बनाने दीजिए pareshani ko Apne dimag mein ghar mat banane dijiye

एक प्रोफ़ेसर ने अपने हाथ में पानी से भरा एक glass पकड़ते हुए class शुरू की। उन्होंने उसे ऊपर उठा कर सभी students को दिखाया और पूछा , “आपके हिसाब से glass का वज़न कितना होगा ? ” ’50gm….100gm…125gm’…छात्रों ने उत्तर दिया – ” जब तक मैं इसका वज़न ना कर लूँ मुझे इसका सही… अधिक पढ़ें परेशानियों को अपने दिमाग में घर मत बनाने दीजिए pareshani ko Apne dimag mein ghar mat banane dijiye

सद्गुणों के लिए दूसरों के सामने देखो, दुर्गुणों के लिए अपने अंदर देखो sadguno ke liye dusron ke samne Dekho, durguno ke liye Apne andar Dekho

मन के दो बहुत बड़े दोष हैं –स्व के प्रति आदर भाव और पर के प्रति नफरत भाव।स्व के प्रति आदर भाव इसलिए कि उसे अहंकार को पुष्ट करना है। और पर के प्रति नफरत के भाव इसलिए कि उसे द्वेष को और पुष्ट और पक्का करना है।यह कब संभव हो सकता है ?जब वह… अधिक पढ़ें सद्गुणों के लिए दूसरों के सामने देखो, दुर्गुणों के लिए अपने अंदर देखो sadguno ke liye dusron ke samne Dekho, durguno ke liye Apne andar Dekho

बुढ़ापे से बचने का यह एकमात्र उपाय है budhape se bachne ka yah ekmatra upay hai

मुंह पर झुर्रियां,कानों में बहरापन,आंखों में धुंधलापन,पावों में शिथिलता,पाचनशक्ति कमजोर,बाल सफेद एवं दांत गायब !यह सब वृद्धत्व की निशानी हैऐसा हम मानते हैं,पर यहां तो वृद्धत्व को एक अलग ही नजरिए से देखा गया है –नया – नया सीखते रहने के तुम्हारे उत्साह का वाष्पीकरण हो गया है तो निश्चित समझ लेना कि तुम वृद्ध… अधिक पढ़ें बुढ़ापे से बचने का यह एकमात्र उपाय है budhape se bachne ka yah ekmatra upay hai

बुढ़ापा यानी संत जीवन मुक्ति का जीवन, शांति का जीवन। Budhapa yani Sant jivan mukti ka jivan shanti ka jivan

स्वस्थ बुढ़ापे के लिए जरूरी है कि हम स्वास सही तरीके से लें। प्राय: बुढ़ापे में थोड़ा सा भी रूग्ण होने पर व्यक्ति की श्वास असंतुलित हो जाती है। स्वस्थ व्यक्ति एक मिनट में औसतन 16 सांस लेता है यानी प्रतिदिन 24 घंटे में 23040 श्वास ली जाती है।श्वास वह है जो हमारे प्राण के… अधिक पढ़ें बुढ़ापा यानी संत जीवन मुक्ति का जीवन, शांति का जीवन। Budhapa yani Sant jivan mukti ka jivan shanti ka jivan

आज का सबसे बड़ा रोग, क्या कहेंगे लोग ? Aaj ka sabse bada Rog, kya kahenge log ?

क्या कहेंगे लोग? यह सबसे बड़ा रोग है । कवि ‘मजबूर ‘की यह पंक्तियां हैं। लोग क्या कहेंगे? यह सोचकर आदमी कुछ नहीं करता। लोग क्या कहेंगे ? यह सोचकर आदमी ना तो दिल खोल कर हंसता है और ना ही रोता है ,और अगर कुछ करता भी है तो यह सोच कर ही करता… अधिक पढ़ें आज का सबसे बड़ा रोग, क्या कहेंगे लोग ? Aaj ka sabse bada Rog, kya kahenge log ?

आत्मा और शरीर के रहस्य को समझो। Aatma aur sharir ke Rahasya ko samjho .

पानी पर खींची लकीर जैसा है जीवन। पानी पर लकीर खींच भी नहीं पाते और लकीर मिट जाती है । हम जन्म की खुशियां मना भी नहीं पाते हैं और मौत का मातम छा जाता है। लोग भी कितने नासमझ हैं ।अपने बर्थ-डे को तो याद रखते हैं ; उसे धूमधाम से मनाते हैं मगर… अधिक पढ़ें आत्मा और शरीर के रहस्य को समझो। Aatma aur sharir ke Rahasya ko samjho .