पुराणों की बीस खास ऐसी बातें जो आपकी जिंदगी बदल सकती है puranon ki bis khaas aisi baten jo aapki jindagi Badal sakti hai

पुराण शब्द ‘ पुरा ‘ एवं ‘ अण ‘ शब्दों की संधि से बना है। पुरा का अथ है – ‘ पुराना ‘ अथवा ‘ प्राचीन ‘ और अण का अर्थ होता है कहना या बतलाना। पुराण का शाब्दिक अर्थ है – प्राचीन आख्यान या पुरानी कथा। पुराणों में दर्ज है प्राचीन भारत का इतिहास।… अधिक पढ़ें पुराणों की बीस खास ऐसी बातें जो आपकी जिंदगी बदल सकती है puranon ki bis khaas aisi baten jo aapki jindagi Badal sakti hai

महाबली अंगद ने बताए रावण को मृत्यु के प्रकार Mahabali Angad ne bataen Ravan ko mrutyu ke prakar

राम-रावण युद्ध चल रहा था, तब अंगद ने रावण से कहा – तू तो मरा हुआ है , मरे हुए को मारने से क्या फायदा ? रावण बोला – मैं जीवित हूँ , मरा हुआ कैसे ? अंगद बोले , सिर्फ साँस लेने वालों को जीवित नहीं कहते – साँस तो लुहार का धौंकनी भी… अधिक पढ़ें महाबली अंगद ने बताए रावण को मृत्यु के प्रकार Mahabali Angad ne bataen Ravan ko mrutyu ke prakar

मेरे साथ जो हुआ वह अच्छा या बुरा Mere sath Jo hua vah achcha ya Bura

एक समय की बात है। एक किसान था जिसके पास एक घोड़ा था। वह अपने इस घोड़े से बहुत प्यार करता था। उसे अपने घोड़े पर बहुत गर्व था जो किसान की कमाई का जरिया भी था। अपनी इस कमाई से किसान अपने परिवार का पेट भरता था। लेकिन एक दिन वह घोड़ा भाग गया।… अधिक पढ़ें मेरे साथ जो हुआ वह अच्छा या बुरा Mere sath Jo hua vah achcha ya Bura

सत्य की वीणा Satya ki veena

एक संन्यासी ईश्वर की खोज में निकला हुआ था और एक आश्रम में जाकर ठहरा। पंद्रह दिन तक उस आश्रम में रहा , फिर ऊब गया। उस आश्रम का जो बूढ़ा गुरु था वह कुछ थोड़ी सी बातें जानता था , रोज उन्हीं को दोहरा देता था। फिर उस युवा संन्यासी ने सोचा , यह… अधिक पढ़ें सत्य की वीणा Satya ki veena

शस्त्र और शास्त्र के महारथी – परशुराम shastra aur shastra ke maharathi – parshuram

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जिनका सादर नमन करते हों , उन शस्त्रधारी और शास्त्रज्ञ भगवान परशुराम की महिमा का वर्णन शब्दों की सीमा में संभव नहीं। वे योग , वेद और नीति में निष्णात थे , तंत्रकर्म तथा ब्रह्मास्त्र समेत विभिन्न दिव्यास्त्रों के संचालन में भी पारंगत थे , यानी जीवन और अध्यात्म की हर विधा… अधिक पढ़ें शस्त्र और शास्त्र के महारथी – परशुराम shastra aur shastra ke maharathi – parshuram

महाकालेश्वर की कथा mahakaleshwar ki katha

उज्जयिनी में राजा चंद्रसेन का राज था। वह भगवान शिव का परम भक्त था। शिवगणों में मुख्य मणिभद्र नामक गण उसका मित्र था। एक बार मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को एक अत्यंत तेजोमय ‘चिंतामणि ‘ प्रदान की। चंद्रसेन ने इसे गले में धारण किया तो उसका प्रभामंडल तो जगमगा ही उठा , साथ ही दूरस्थ… अधिक पढ़ें महाकालेश्वर की कथा mahakaleshwar ki katha

सभी का भला सोचने वाला सदा ही सुख पाता है। Sabhi ka bhala sochne wala sada hi sukh pata hai.

रामानुजाचार्य प्राचीन काल में हुए एक प्रसिद्ध विद्वान थे। उनका जन्म मद्रास नगर के समीप पेरुबुदूर गाँव में हुआ था। बाल्यकाल में इन्हें शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा गया। रामानुज के गुरु ने बहुत मनोयोग से शिष्य को शिक्षा दी। शिक्षा समाप्त होने पर वे बोले – ‘ पुत्र , मैं तुम्हें एक मंत्र… अधिक पढ़ें सभी का भला सोचने वाला सदा ही सुख पाता है। Sabhi ka bhala sochne wala sada hi sukh pata hai.

मृत्यु का दर्शन mrutyu ka darshan

एक प्राचीन रूसी कथा है। एक बड़े टोकरे में बहुत से मुर्गे आपस में लड़ रहे थे। नीचे वाला खुली हवा में सांस लेने के लिए अपने ऊपर वाले को गिराकर ऊपर आने के लिए फड़फड़ाता है। सब भूख – प्यास से व्याकुल हैं। इतने में कसाई छुरी लेकर आ जाता है , एक –… अधिक पढ़ें मृत्यु का दर्शन mrutyu ka darshan

अपने कर्म को शुद्ध कैसे करे Apne karma ko shuddh Karen

हमें अपना पुण्य छुपा कर रखना चाहिए तथा यदि हमारा पाप प्रगट हो जाय तो चिन्ता नहीं करनी चाहिए। यदि पाप प्रगट हो तो उसका विनाश हो जाता है। परन्तु सभी लोग अपने पापों को तो छिपा कर रखते है तथा पुण्य को प्रगट कर देते है। जिससे पुण्य धीरे-धीरे क्षीण होता जाता है। तथा… अधिक पढ़ें अपने कर्म को शुद्ध कैसे करे Apne karma ko shuddh Karen

कर्म Karma

सफलता के साथ शांति चाहिए तो अपने लिए भी जीएं । आज आप कितना भी काम कर लीजिए , लेकिन शाम को घर लौटते समय एक बेचैनी साथ लेकर ही जाएंगे। काम बहुत कर रहे हैं लेकिन संतुष्टि नहीं है। लोग सफलता की अंधी दौड़ में दौड़ तो रहे हैं , मनचाहा पैसा भी कमा… अधिक पढ़ें कर्म Karma