व्यसन कोई भी ऐसा नहीं जिसे छोड़ा ना जा सके vyasan koi bhi aisa Nahin jise chhoda Na ja sake

एक समय शराब का एक व्यसनी एक संत के पास गया और विनम्र स्वर में बोला , ‘ गुरूदेव , मैं इस शराब के व्यसन से बहुत ही दु:खी हो गया हूँ। इसकी वजह से मेरा घर बरबाद हो रहा है। मेरे बच्चे भूखे मर रहे हैं , किन्तु मैं शराब के बगैर नही रह… अधिक पढ़ें व्यसन कोई भी ऐसा नहीं जिसे छोड़ा ना जा सके vyasan koi bhi aisa Nahin jise chhoda Na ja sake

औसत आदमी इस भ्रमण चक्र में निरत रहकर दिन गुजार देता है। Ausat aadami is Brahman chakra mein nirath rahakar din gujar deta hai

समय का सदुपयोग करना सीखें जीवन क्या है? इसका उत्तर एक शब्द में अपेक्षित हो तो कहा जाना चाहिए — ‘ समय ’। समय और जीवन एक ही तथ्य के दो नाम हैं। कोई कितने दिन जिया ? इसका उत्तर वर्षों की काल गणना के रूप में ही दिया जा सकता है। समय की सम्पदा… अधिक पढ़ें औसत आदमी इस भ्रमण चक्र में निरत रहकर दिन गुजार देता है। Ausat aadami is Brahman chakra mein nirath rahakar din gujar deta hai

निरंतर सत्संग से दुर्जन भी सज्जन हो जाते हैं nirantar satsang se durjan bhi sajjan ho jaate Hain

महात्मा बुद्ध एक गाँव में ठहरे हुए थे। वे प्रतिदिन शाम को वहाँ पर सत्संग करते थे। भक्तों की भीड़ होती थी , क्योंकि उनके प्रवचनों से जीवन को सही दिशा बोध प्राप्त होता था। बुद्ध की वाणी में गजब का जादू था। उनके शब्द श्रोता के दिल में उतर जाते थे। एक युवक प्रतिदिन… अधिक पढ़ें निरंतर सत्संग से दुर्जन भी सज्जन हो जाते हैं nirantar satsang se durjan bhi sajjan ho jaate Hain

आत्म – कल्याण ही मनुष्य जीवन का सच्चा लक्ष्य है aatm Kalyan hi manushya jeevan ka saccha lakshya hai

   एक नवयुवक एक सिद्ध महात्मा के आश्रम में आया करता था। महात्मा उनकी सेवा से प्रसन्न हो बोले – बेटा ” आत्म – कल्याण ही मनुष्य जीवन का सच्चा लक्ष्य है इसे ही पूरा करना चाहिए। ’’ यह सुन युवक ने कहा – महाराज वैराग्य धारण करने पर मेरे माता – पिता कैसे जीवित… अधिक पढ़ें आत्म – कल्याण ही मनुष्य जीवन का सच्चा लक्ष्य है aatm Kalyan hi manushya jeevan ka saccha lakshya hai

प्रतिभा और ज्ञान Pratibha aur gyan

एक संत को जंगल में एक नवजात शिशु मिला। वह उसे अपने घर जे आए। उन्होंने उसका नाम जीवक रखा। उन्होंने जीवक को अच्छी शिक्षा – दीक्षा प्रदान की। जब वह बड़ा हुआ तो उसने संत से पूछा , ‘गुरुजी , मेरे माता -पिता कौन हैं ? ‘ संत को जीवक के मुंह से यह… अधिक पढ़ें प्रतिभा और ज्ञान Pratibha aur gyan

कर्म करो तभी मिलेगा karam karo tabhi milega

कौरवों की राजसभा लगी हुई है। एक ओर कोने में पाण्डव भी बैठे हैं। दुर्योधन की आज्ञा पाकर दुःशासन उठता है और द्रौपदी को घसीटता हुआ राजसभा में ला रहा है। आज दुष्टों के हाथ उस अबला की लाज लूटी जाने वाली है। उसे सभा में नंगा किया जाएगा। वचनबद्ध पाण्डव सिर नीचा किए बैठे… अधिक पढ़ें कर्म करो तभी मिलेगा karam karo tabhi milega

दोस्ती की आग dosti ki aag

अली नाम के एक लड़के को पैसों की सख्त ज़रुरत थी । उसने अपने मालिक से मदद मांगी। मालिक पैसे देने को तैयार हो गया पर उसने एक शर्त रखी । शर्त ये थी कि अली को बिना आग जलाये कल की रात पहाड़ी की सबसे ऊँची चोटी पर बितानी थी , अगर वो ऐसा… अधिक पढ़ें दोस्ती की आग dosti ki aag

दो दोस्तों की अनसुनी कहानी do doston ki ansuni kahani

एक बार दो मित्र साथ-साथ एक रेगिस्तान में चले जा रहे थे। रास्ते में दोनों में कुछ कहासुनी हो गई। बहसबाजी में बात इतनी बढ़ गई की उनमे से एक मित्र ने दूसरे के गाल पर जोर से तमाचा मार दिया। जिस मित्र को तमाचा पड़ा उसे दुःख तो बहुत हुआ किंतु उसने कुछ नहीं… अधिक पढ़ें दो दोस्तों की अनसुनी कहानी do doston ki ansuni kahani

शब्दों का भी अपना सामर्थ्य होता है shabdon ka bhi apna Samarth hota hai

एक दिन रात्रि में रामकृष्ण प्रवचन दे रहे थे। काफी लोग इकट्ठे थे सभा में। उन्होंने ओम् पर चर्चा शुरू कर दी। वे ध्वनि – विज्ञान पर प्रकाश डालने लगे । प्रवचन के बीच एक पंडित बोला , ‘ ठहरें , आप इतनी देर से ओंकार शब्द की महिमा गाए जा रहे हैं। शब्दों में… अधिक पढ़ें शब्दों का भी अपना सामर्थ्य होता है shabdon ka bhi apna Samarth hota hai

लाचार मनुष्य की सहायता ना करना पशुता है lachar manushya ki sahayata Na Karna pashuta hai

यह एक सच्ची घटना है। छुट्टी हो गयी थी। सब लड़के उछलते – कूदते , हँसते – गाते पाठशाला से निकले। पाठशाला के फाटक के सामने एक आदमी सड़क पर लेटा था। किसी ने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया। सब अपनी धुन में चले जा रहे थे। एक छोटे लड़के ने उस आदमी को देखा… अधिक पढ़ें लाचार मनुष्य की सहायता ना करना पशुता है lachar manushya ki sahayata Na Karna pashuta hai