संकल्प शक्ति का चमत्कार sankalp Shakti Ka chamatkar

भिशक अनंगपाल के लिए यह कोई नई बात नहीं थी। वे जिस जल से स्नान करते थे , उसमें तो प्रत्येक ही दिन कोई न कोई इत्र , चंदन , अगरु , केवड़ा या गुलाब की सुवास मिलाई जाती थी पर जो मादकता और मधुरता आज के जल में थी , वह कभी भी नहीं… अधिक पढ़ें संकल्प शक्ति का चमत्कार sankalp Shakti Ka chamatkar

न्याय से कमाया धन ही सुख देता है। Nyaay se kamaya dhan hi sukh deta hai.

किसी गांव में “धन” नामक सेठ रहता था। उसके परिवार में मात्र तीन सदस्य थे। उसकी पत्नी धन्ना, पुत्र घनसार और खुद। धन सेठ लोभी और ध्रुर्त प्रकृति का था। गांव में भोली भाली प्रजा को वह व्यापार में ठगता था। अनाज में कंकर, गुड में मिट्टी, दाल में लकड़ी के छिलके आदि मिलाकर बेचता… अधिक पढ़ें न्याय से कमाया धन ही सुख देता है। Nyaay se kamaya dhan hi sukh deta hai.

नाम से ही सारे दु:ख दूर हो जाएंगे। Naam say hi saree dukh dur ho jaenge.

एक बार की बात है माता अंजना हनुमान जी को कुटी में लिटाकर कहीं बाहर चली गई। थोड़ी देर में इन्हें बहुत तेज भूख लगी। इतने में आकाश में सूर्य भगवान उगते हुए दिखलायी दिये। इन्होंने समझा यह कोई लाल लाल सुंदर मीठा फल है। बस, एक ही छलांग में यह सूर्य भगवान के पास… अधिक पढ़ें नाम से ही सारे दु:ख दूर हो जाएंगे। Naam say hi saree dukh dur ho jaenge.

मेरा देश, मेरा वतन, मेरा अभिमान है Mera Desh, Mera watan, Mera abhiman hai

वेशभूषा के साथ आदमी के भीतर अपने देश की धरती का गौरव होना चाहिए। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण ने कहा है –  जिसको न अपनी जाति का और देश का अभिमान है, वह नर नहीं है,पशु निरा और मृतक समान है।अपनों को हमेशा एक बात ध्यान में रखना चाहिए, जहां भी हम रहे, देश का गौरव साथ रहना… अधिक पढ़ें मेरा देश, मेरा वतन, मेरा अभिमान है Mera Desh, Mera watan, Mera abhiman hai

जब तक विश्वास है तब तक जीवन है। Jab tak vishwas hai tab tak jivan hai.

जीवन में जो महत्व स्वास का है, समाज में वही महत्व विश्वास का है। विश्वास जीवन की स्वास है, विश्वास जीवन की आस है, विश्वास जीवन की प्यास है। दुनिया विश्वास पर टिकी है। जब तक विश्वास- है तब तक दुनिया है। विश्वास उठा यह दुनिया भी उठ जाएगी । लोग कहते हैं, पृथ्वी शेषनाग… अधिक पढ़ें जब तक विश्वास है तब तक जीवन है। Jab tak vishwas hai tab tak jivan hai.

रत्नों को स्पर्श किए बिना मूल्य निश्चित करें। Ratnoo ko sparsh kiye Bina mulya nishchit Karen.

पुष्कर नगर में पुरुषोत्तम राजा राज्य करता था। राजा न्यायप्रिय, सदाचारी एवं धर्मप्रिय था। उसके अंत:पुर में कितनी रानियां थी। उनमें चार रानियां पटरानी पद पर सुशोभित थी। क्रमशः सुनीता, सुंदरी, प्रीति एवं प्रियलता ये उनके नाम थे। पुरुषोत्तम राजा का प्रथम प्रियपाल नामक प्रधान था यह पांच सौ मंत्रियों पर प्रधानमंत्री एवं औत्पातिकी बुद्धि… अधिक पढ़ें रत्नों को स्पर्श किए बिना मूल्य निश्चित करें। Ratnoo ko sparsh kiye Bina mulya nishchit Karen.

भरत – बाहुबली का युद्ध, बाहुबली की दीक्षा तथा केवल ज्ञान Bharat Baahubali Ka Yudh, Bahubali ki Deeksha tatha keval Gyan

भरत श्रेष्ठ आपके अठानवें भाइयों ने दीक्षा ग्रहण कर ली है। अन्य तो सब आपकी आज्ञा मानते हैं पर महा अभिमानी बाहुबली आपकी आज्ञा नहीं मानते। वह अपनी भुजा के बल का बहुत पराक्रम दिखाते हैं। इसीलिए उन्हें मूल से उखाड़ देना चाहिए। यह एक ऐसा महा रोग है, जो आपके लिए व्याधि उत्पन्न कर… अधिक पढ़ें भरत – बाहुबली का युद्ध, बाहुबली की दीक्षा तथा केवल ज्ञान Bharat Baahubali Ka Yudh, Bahubali ki Deeksha tatha keval Gyan

भगवान मिल गए अब और क्या चाहिए Bhagwan Mil Gaye ab aur kya

बरगद के पेड़ के नीचे एक भिखारी बैठा था। बाहर से भिखारी पर उसके भीतर अमीरात तो अद्भुत थी।उसकी गोद में एक बहुपृष्ठिय पुस्तिका पड़ी थी। उस पुस्तक के लगभग चार सौ पन्ने थे। एकदम चुप्पी साधे हुए और गंभीरतापूर्वक  बार-बार वह पढ़ने को पलटता था।पर एकाएक वह हंस देता था, खूब तालियां बजाने लगता… अधिक पढ़ें भगवान मिल गए अब और क्या चाहिए Bhagwan Mil Gaye ab aur kya

संयम जीवन है, परिग्रह पाप है। Sanyam jivan hai, parigrah paap hai.

अकड़ हिंसा है। मूर्छा परिग्रह समर्पण है। समर्पण स्वर्ग है। अहंकार नर्क है। विनय मुक्ति द्वार है । सत्य ईश्वर है । संयम जीवन है । परिग्रह पाप है । करुणा धर्म है । सुख-दुख मन के समीकरण है। आदमी बड़प्पन से बड़ा होता है, ऊंचे आसन पर बैठने से बड़ा नहीं होता । एक… अधिक पढ़ें संयम जीवन है, परिग्रह पाप है। Sanyam jivan hai, parigrah paap hai.

सर्व सिद्धिदायक णमोकार महामंत्र sarv siddhi dayak namokar mahamantra

यह सभी अभिलाषाओं को पूर्ण करने वाला महामंत्र है। आत्मा शोधन हेतु होते हुए भी नित्य जाप करने वाले के रोग,शोक,आदि, व्याधि आदि सभी बाधाएं दूर हो जाती है, पवित्र, अपवित्र, रोगी, दुखी, सुखी आदि किसी भी अवस्था में इस महामंत्र के जाप करने से समस्त पाप भस्म हो जाते हैं तथा अंदर से व… अधिक पढ़ें सर्व सिद्धिदायक णमोकार महामंत्र sarv siddhi dayak namokar mahamantra