आत्मा की आवाज़ atma ki awaaz

 किसी गांव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था । ब्राह्मण गरीब होते हुए भी सच्चा और इमानदार था। परमात्मा में आस्था रखने वाला था । वह रोज सवेरे उठ कर गंगा में नहाने जाया करता था। नहा धो कर पूजा पाठ किया करता था। रोज की तरह वह एक दिन गंगा में नहाने गया नहा… अधिक पढ़ें आत्मा की आवाज़ atma ki awaaz

निंदा करने से दूसरों के साथ अपना भी नुकसान होता है ninda karne se dusron ke sath apna Bhi nuksan hota hai

एक विदेशी को अपराधी समझ जब राजा ने फांसी का हुक्म सुनाया तो उसने अपशब्द कहते हुए राजा के विनाश की कामना की। राजा ने अपने मंत्री से , जो कई भाषाओं का जानकार था , पूछा – यह क्या कह रहा है ? मंत्री ने विदेशी की गालियां सुन ली थीं , किंतु उसने… अधिक पढ़ें निंदा करने से दूसरों के साथ अपना भी नुकसान होता है ninda karne se dusron ke sath apna Bhi nuksan hota hai

भगवान श्रीकृष्ण ने सुनी उसकी पुकार bhagwan Shri Krishna ne suni uski pukar

कौरवों और पाण्डवों की सेनाएँ आमने – सामने आ गईं। शंख बजने लगे , घोड़े खुरों से जमीन खूँदने और हाथी चिंघाड़ने लगे। कुरुक्षेत्र के समरांगण में सर्वनाश की तैयारी पूरी हो चुकी थी। ठीक तभी एक टिटहरी का आर्तनाद गूँज उठा।दोनों शिविरों के मध्य एक छोटी सी टेकरी थी , उसी की खोह में… अधिक पढ़ें भगवान श्रीकृष्ण ने सुनी उसकी पुकार bhagwan Shri Krishna ne suni uski pukar

विश्वास ही जीवन की पूंजी है Vishwas hi jivan ki punji hai

एक डाकू था जो साधु के भेष में रहता था। वह लूट का धन गरीबों में बाँटता था। एक दिन कुछ व्यापारियों का जुलूस उस डाकू के ठिकाने से गुज़र रहा था। सभी व्यापारियों को डाकू ने घेर लिया। डाकू की नज़रों से बचाकर एक व्यापारी रुपयों की थैली लेकर नज़दीकी तंबू में घुस गया।… अधिक पढ़ें विश्वास ही जीवन की पूंजी है Vishwas hi jivan ki punji hai

जो परोपकारी है वही प्रजा के मन का राजा है jo paropkari hai vahi praja ke Man Ka raja hai

कोसलपुर के राजा बड़े परोपकारी थे। एक बार पास के राज्य काशी के राजा ने कोसल पर आक्रमण कर उस पर अधिकार कर लिया। हार के बावजूद कोसल के राजा ने आत्म – समर्पण नहीं किया तथा किसी तरह से बचकर राज्य से दूर चले गए। कोसलपुर की प्रजा अपने राजा के चले जाने से… अधिक पढ़ें जो परोपकारी है वही प्रजा के मन का राजा है jo paropkari hai vahi praja ke Man Ka raja hai

आजादी ही आत्म संतुष्टि हैं azadi hi atma santushti hai

एक कौआ था जो अपनी जिंदगी से बहुत खुश और संतुष्ट था। एक बार वह एक तालाब पर पानी पीने रुका। वहां पर उसने सफ़ेद रंग के पक्षी हंस को देखा। उसने सोचा मैं बहुत काला हूँ और हंस इतना सुन्दर इसलिए शायद हंस इस दुनिया का सबसे खुश पक्षी होगा। कौआ हंस के पास… अधिक पढ़ें आजादी ही आत्म संतुष्टि हैं azadi hi atma santushti hai

आत्मा होने का बोध पाठ कराना aatma hone ka bodh paath karana

एक महात्माजी किसी गांव में गए। अनेक शास्त्रीय प्रमाणों के आधार पर ‘आत्मा ‘ पर लंबा वक्तव्य दिया। एक युवक , जो अपने आपको बौद्धिक मानता था , बोला – महात्मन ! अपने प्रवचन दिया , बड़ा श्रम किया , इसके लिए आपके प्रति हमारा आभार ज्ञापन। किंतु बाबाजी! इतना सुनने के बाद भी आत्मा… अधिक पढ़ें आत्मा होने का बोध पाठ कराना aatma hone ka bodh paath karana

सच्चे हृदय से की गई साधना कभी निष्फल नहीं होती। Sacchi hriday se ki gai Sadhna kabhi nishfal nahin Hoti.

बहुत पुरानी बात है। हस्तिनापुर के जंगल में दो साधक अपनी नित्य साधना में लीन थे। उधर से एक देवर्षि का प्रकट होना हुआ। देवर्षि को देखते ही दोनों साधक बोल उठे – ‘ परमात्मन ! आप देवलोक जा रहे हैं क्या ? आप से प्रार्थना है कि लौटते समय प्रभु से पूछिए कि हमारी… अधिक पढ़ें सच्चे हृदय से की गई साधना कभी निष्फल नहीं होती। Sacchi hriday se ki gai Sadhna kabhi nishfal nahin Hoti.

इस दुनिया में कोई गरीब नहीं is duniya mein koi garib Nahin

एक समय की बात है भगवान गौतम बुद्ध एक गाँव में धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। लोग अपनी विभिन्न परेशानियों को लेकर उनके पास जाते और उसका हल लेकर खुशी – खुशी वहां से लौटते। उसी गांव के सड़क के किनारे एक गरीब व्यक्ति बैठा रहता तथा महात्मा बुद्ध के उपदेश शिविर में… अधिक पढ़ें इस दुनिया में कोई गरीब नहीं is duniya mein koi garib Nahin

सुख और शांति की खोज ,उसी में है मौज। Sukh aur shanti ki khoj , usi mein hai mauj.

संत सिद्धेश्वर एक दिन एक टीले पर बैठे थे। तभी एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला , ‘ प्रणाम , मैं सेठ मणिमल हूं। मेरा एक मित्र है सुखीराम। उसका नाम तो सुखीराम है लेकिन उसके जीवन में सुख का अभाव है। मैं विश्व भ्रमण करके लौट रहा हूं। जब मैंने अपने मित्र से… अधिक पढ़ें सुख और शांति की खोज ,उसी में है मौज। Sukh aur shanti ki khoj , usi mein hai mauj.