बाज की ऊंची उड़ान का रहस्य Baj ki unchi udan Ka rahasya

एक बाज की उम्र सत्तर साल होती है जहां , लेकिन जब वह चालीस साल का हो जाता है तो उसे एक अहम फैसला लेना होता है। उस अवस्था में उसके शरीर के तीन महत्वपूर्ण अंग विकलांग होने लगते हैं , पंजे लंबे और लचीले हो जाते हैं जिससे वह शिकार को पकड़ सकने में… अधिक पढ़ें बाज की ऊंची उड़ान का रहस्य Baj ki unchi udan Ka rahasya

नचिकेता ने पूछा यमराज से मृत्यु के बाद मनुष्य का क्या होता है Nachiketa ne poochha yamraj se mrutyu ke bad manushya ka kya hota hai

आश्रम का वातावरण हवन की सुगंध से भरा हुआ था। दूर – दूर से ऋषि महात्माओं को यज्ञ करने के लिए बुलाया गया था। चारों और वेद मंत्रोत्तच्चारण की ध्वनि गूंज रही थी।बहुत पुरानी बात है जब हमारे देश में वेदों का पठन या पाठन होता था। ऋषि आश्रमों में रहकर उनके शिष्यों को शिक्षा अथवा… अधिक पढ़ें नचिकेता ने पूछा यमराज से मृत्यु के बाद मनुष्य का क्या होता है Nachiketa ne poochha yamraj se mrutyu ke bad manushya ka kya hota hai

जो दूसरों के लिए कुआँ खोदता है उसमें वह स्वयं गिरता है Jo dusron ke liye kuan khodta hai usmein vah swayam girta hai

एक बादशाह के महल की चारदीवारी के अन्दर एक वजीर और एक कारिंदा रहता था। वजीर और कारिंदे के पुत्र में गहरी दोस्ती थी। हम उम्र होने के कारण दोनों एक साथ पढ़ते , खेलते थे। वजीर के कहने पर कारिंदे का लड़का उसके सब काम कर देता था। वह वजीर को चाचा कहकर पुकारता… अधिक पढ़ें जो दूसरों के लिए कुआँ खोदता है उसमें वह स्वयं गिरता है Jo dusron ke liye kuan khodta hai usmein vah swayam girta hai

समुद्र का जल खारा क्यों है ? samudra ka jal khara kyon hai ?

प्राचीन काल की बात है। एक गांव में दो भाई रहते थे। बड़े भाई के पास बहुत सा धन था , परंतु छोटा भाई गरीब था। एक बार जब लोग नये साल कीखुशियां मना रहे थे , तो छोटे भाई के पास खाने को भी कुछ न था। वह बड़े भाई के घर गया और… अधिक पढ़ें समुद्र का जल खारा क्यों है ? samudra ka jal khara kyon hai ?

कैसी वाणी कैसा साथ ? Kaisi vani Kaisa sath ?

दवे साहेब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियो के बीच बहुत प्रसिद्द थे। उनकी वाणी , वर्तन तथा मधुर व्यवहार से कॉलेज के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियो उन्हें ‘ वेदसाहेब ’ से संबोधन करते थे। ऐसे भी वे संस्कृत के प्राध्यापक थे , और उनकी बातचीत में संस्कृत श्लोक-सुभाषित बारबार आते थे। उनकी ऐसी बात करने की शैली थी… अधिक पढ़ें कैसी वाणी कैसा साथ ? Kaisi vani Kaisa sath ?

पशु , पक्षी भी प्यार के बदले प्यार चाहते हैं pashu pakshi bhi pyar ke badle pyar chahte Hain

एक गांव के किनारे बनी कुटिया में एक साधु रहता था । वह दिन भर ईश्वर का भजन-कीर्तन करके समय बिताता था । उसे न तो अपने भोजन की चिंता रहती थी और न ही धन कमाने की । गांव के लोग स्वयं ही उसे भोजन दे जाते थे । साधू उसी भोजन से पेट… अधिक पढ़ें पशु , पक्षी भी प्यार के बदले प्यार चाहते हैं pashu pakshi bhi pyar ke badle pyar chahte Hain

लाश की गवाही‌ lash ki gavahi

          पूर्व काल में हर्षपुर नाम का एक विशाल नगर था। इस समृद्ध नगर का स्वामी राजा हर्षदत्त था , जिसके सुप्रबंध के कारण नगर की प्रजा बड़े सुख से रहती थी।              इसी नगर में समुद्रशूर नाम का एक व्यापारी रहता था , जो अपने जलपोतों के द्वारा दूर-दूर दूसरे देशों की यात्राएं किया… अधिक पढ़ें लाश की गवाही‌ lash ki gavahi

नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का Nit abhyas se darshan kar sakte hain ishwar ka

सभी शास्त्र कहते हैं कि बिना भगवान को प्राप्त किये मुक्ति नहीं मिल सकती है। इसलिए भगवान की तलाश के लिए कोई व्यक्ति मंदिर जाता है तो कोई मस्जिद , कोई गुरूद्वारा , तो कोई गिरजाघर। लेकिन इन सभी स्थानों में जड़ स्वरूप भगवान होता है। अर्थात ऐसा भगवान होता है जिसमें कोई चेतना नहीं… अधिक पढ़ें नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का Nit abhyas se darshan kar sakte hain ishwar ka

मित्र बनाए नहीं अर्जित किए जाते हैं Mitra banaye Nahin arijit kiye jaate Hain

हमारे जीवन में कुछ रिश्ते बहुत अनमोल होते हैं। मित्रता ऐसा ही रिश्ता है। कहते हैं मित्र बनाए नहीं जाते , अर्जित किए जाते हैं। ये रिश्ता हमारी पूंजी भी है , सहारा भी। आजकल दोस्ती के मायने बदल गए हैं तो इस रिश्ते की गहराई भी कम हो गई है। इस संसार में हम… अधिक पढ़ें मित्र बनाए नहीं अर्जित किए जाते हैं Mitra banaye Nahin arijit kiye jaate Hain

अहंकार ही माया है ahankar hi Maya hai

अधिकतर लोग ईश्वर की सत्ता को मानते हैं , फिर क्या वजह है कि लोग यह मानते हुए भी उसे देख नहीं पाते ? इसका जवाब यह है कि उन लोगों को ईश्वर इसलिए दिखाई नहीं देता , क्योंकि माया का आवरण मनुष्य के ऊपर पड़ा होता है। जैसे सूर्य सबको प्रकाश और ऊष्मा देता… अधिक पढ़ें अहंकार ही माया है ahankar hi Maya hai