हम सभी आशा पर जीते हैं ham sabhi Asha per jite Hain

सभी भिक्षु एकत्र थे। परस्पर चर्चा के दौरान एक ने कहा , ‘ सारा नगर बुद्ध के प्रवचन में उपस्थित हुआ है , लेकिन राजपुरोहित कट्टरपंथी है , इसीलिए वह कभी भी प्रवचन सभा में नहीं आया है । हमें ऐसी कोशिश करनी चाहिए ताकि राजपुरोहित अह्रत् की सन्निधि में उपस्थित हो। ‘ कोई कुछ… अधिक पढ़ें हम सभी आशा पर जीते हैं ham sabhi Asha per jite Hain

उपाली और महात्मा बुद्ध upali aur mahatma buddh

उपाली बहुत ही धनी व्यक्ति था और गौतम बुद्ध के ही समकालीन एक अन्य धार्मिक गुरु निगंथा नाथपुत्ता का शिष्य था। नाथपुत्ता के उपदेश बुद्ध से अलग प्रकार के थे। उपाली एक बहुत ही विलक्षण वक्ता था और वाद-विवाद में भी बहुत ही कुशल था। उसके गुरु ने उसे एक दिन कहा कि वह कर्म… अधिक पढ़ें उपाली और महात्मा बुद्ध upali aur mahatma buddh

दोस्ती की आग dosti ki aag

अली नाम के एक लड़के को पैसों की सख्त ज़रुरत थी । उसने अपने मालिक से मदद मांगी। मालिक पैसे देने को तैयार हो गया पर उसने एक शर्त रखी । शर्त ये थी कि अली को बिना आग जलाये कल की रात पहाड़ी की सबसे ऊँची चोटी पर बितानी थी , अगर वो ऐसा… अधिक पढ़ें दोस्ती की आग dosti ki aag

पहचान pahchan

एक भक्त सांई से रोज प्रार्थना करता था , ‘ बाबा एक दिन मेरे घर भोजन करने की कृपा करें। ‘ बाबा रोज टाल देते थे। एक दिन भक्त के विशेष आग्रह पर उन्होंने स्वीकृति दे दी। कहा , ‘ मैं शाम छह बजे तुम्हारे घर पहुंच जाऊंगा , पर तुम चुक मत जाना। ‘… अधिक पढ़ें पहचान pahchan

आत्मा की आवाज़ atma ki awaaz

 किसी गांव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था । ब्राह्मण गरीब होते हुए भी सच्चा और इमानदार था। परमात्मा में आस्था रखने वाला था । वह रोज सवेरे उठ कर गंगा में नहाने जाया करता था। नहा धो कर पूजा पाठ किया करता था। रोज की तरह वह एक दिन गंगा में नहाने गया नहा… अधिक पढ़ें आत्मा की आवाज़ atma ki awaaz

निंदा करने से दूसरों के साथ अपना भी नुकसान होता है ninda karne se dusron ke sath apna Bhi nuksan hota hai

एक विदेशी को अपराधी समझ जब राजा ने फांसी का हुक्म सुनाया तो उसने अपशब्द कहते हुए राजा के विनाश की कामना की। राजा ने अपने मंत्री से , जो कई भाषाओं का जानकार था , पूछा – यह क्या कह रहा है ? मंत्री ने विदेशी की गालियां सुन ली थीं , किंतु उसने… अधिक पढ़ें निंदा करने से दूसरों के साथ अपना भी नुकसान होता है ninda karne se dusron ke sath apna Bhi nuksan hota hai

भगवान श्रीकृष्ण ने सुनी उसकी पुकार bhagwan Shri Krishna ne suni uski pukar

कौरवों और पाण्डवों की सेनाएँ आमने – सामने आ गईं। शंख बजने लगे , घोड़े खुरों से जमीन खूँदने और हाथी चिंघाड़ने लगे। कुरुक्षेत्र के समरांगण में सर्वनाश की तैयारी पूरी हो चुकी थी। ठीक तभी एक टिटहरी का आर्तनाद गूँज उठा।दोनों शिविरों के मध्य एक छोटी सी टेकरी थी , उसी की खोह में… अधिक पढ़ें भगवान श्रीकृष्ण ने सुनी उसकी पुकार bhagwan Shri Krishna ne suni uski pukar

विश्वास ही जीवन की पूंजी है Vishwas hi jivan ki punji hai

एक डाकू था जो साधु के भेष में रहता था। वह लूट का धन गरीबों में बाँटता था। एक दिन कुछ व्यापारियों का जुलूस उस डाकू के ठिकाने से गुज़र रहा था। सभी व्यापारियों को डाकू ने घेर लिया। डाकू की नज़रों से बचाकर एक व्यापारी रुपयों की थैली लेकर नज़दीकी तंबू में घुस गया।… अधिक पढ़ें विश्वास ही जीवन की पूंजी है Vishwas hi jivan ki punji hai

जो परोपकारी है वही प्रजा के मन का राजा है jo paropkari hai vahi praja ke Man Ka raja hai

कोसलपुर के राजा बड़े परोपकारी थे। एक बार पास के राज्य काशी के राजा ने कोसल पर आक्रमण कर उस पर अधिकार कर लिया। हार के बावजूद कोसल के राजा ने आत्म – समर्पण नहीं किया तथा किसी तरह से बचकर राज्य से दूर चले गए। कोसलपुर की प्रजा अपने राजा के चले जाने से… अधिक पढ़ें जो परोपकारी है वही प्रजा के मन का राजा है jo paropkari hai vahi praja ke Man Ka raja hai

आजादी ही आत्म संतुष्टि हैं azadi hi atma santushti hai

एक कौआ था जो अपनी जिंदगी से बहुत खुश और संतुष्ट था। एक बार वह एक तालाब पर पानी पीने रुका। वहां पर उसने सफ़ेद रंग के पक्षी हंस को देखा। उसने सोचा मैं बहुत काला हूँ और हंस इतना सुन्दर इसलिए शायद हंस इस दुनिया का सबसे खुश पक्षी होगा। कौआ हंस के पास… अधिक पढ़ें आजादी ही आत्म संतुष्टि हैं azadi hi atma santushti hai