कैसी वाणी कैसा साथ ? Kaisi vani Kaisa sath ?

दवे साहेब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियो के बीच बहुत प्रसिद्द थे। उनकी वाणी , वर्तन तथा मधुर व्यवहार से कॉलेज के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियो उन्हें ‘ वेदसाहेब ’ से संबोधन करते थे। ऐसे भी वे संस्कृत के प्राध्यापक थे , और उनकी बातचीत में संस्कृत श्लोक-सुभाषित बारबार आते थे। उनकी ऐसी बात करने की शैली थी… अधिक पढ़ें कैसी वाणी कैसा साथ ? Kaisi vani Kaisa sath ?

पशु , पक्षी भी प्यार के बदले प्यार चाहते हैं pashu pakshi bhi pyar ke badle pyar chahte Hain

एक गांव के किनारे बनी कुटिया में एक साधु रहता था । वह दिन भर ईश्वर का भजन-कीर्तन करके समय बिताता था । उसे न तो अपने भोजन की चिंता रहती थी और न ही धन कमाने की । गांव के लोग स्वयं ही उसे भोजन दे जाते थे । साधू उसी भोजन से पेट… अधिक पढ़ें पशु , पक्षी भी प्यार के बदले प्यार चाहते हैं pashu pakshi bhi pyar ke badle pyar chahte Hain

लाश की गवाही‌ lash ki gavahi

          पूर्व काल में हर्षपुर नाम का एक विशाल नगर था। इस समृद्ध नगर का स्वामी राजा हर्षदत्त था , जिसके सुप्रबंध के कारण नगर की प्रजा बड़े सुख से रहती थी।              इसी नगर में समुद्रशूर नाम का एक व्यापारी रहता था , जो अपने जलपोतों के द्वारा दूर-दूर दूसरे देशों की यात्राएं किया… अधिक पढ़ें लाश की गवाही‌ lash ki gavahi

नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का Nit abhyas se darshan kar sakte hain ishwar ka

सभी शास्त्र कहते हैं कि बिना भगवान को प्राप्त किये मुक्ति नहीं मिल सकती है। इसलिए भगवान की तलाश के लिए कोई व्यक्ति मंदिर जाता है तो कोई मस्जिद , कोई गुरूद्वारा , तो कोई गिरजाघर। लेकिन इन सभी स्थानों में जड़ स्वरूप भगवान होता है। अर्थात ऐसा भगवान होता है जिसमें कोई चेतना नहीं… अधिक पढ़ें नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का Nit abhyas se darshan kar sakte hain ishwar ka

मित्र बनाए नहीं अर्जित किए जाते हैं Mitra banaye Nahin arijit kiye jaate Hain

हमारे जीवन में कुछ रिश्ते बहुत अनमोल होते हैं। मित्रता ऐसा ही रिश्ता है। कहते हैं मित्र बनाए नहीं जाते , अर्जित किए जाते हैं। ये रिश्ता हमारी पूंजी भी है , सहारा भी। आजकल दोस्ती के मायने बदल गए हैं तो इस रिश्ते की गहराई भी कम हो गई है। इस संसार में हम… अधिक पढ़ें मित्र बनाए नहीं अर्जित किए जाते हैं Mitra banaye Nahin arijit kiye jaate Hain

अहंकार ही माया है ahankar hi Maya hai

अधिकतर लोग ईश्वर की सत्ता को मानते हैं , फिर क्या वजह है कि लोग यह मानते हुए भी उसे देख नहीं पाते ? इसका जवाब यह है कि उन लोगों को ईश्वर इसलिए दिखाई नहीं देता , क्योंकि माया का आवरण मनुष्य के ऊपर पड़ा होता है। जैसे सूर्य सबको प्रकाश और ऊष्मा देता… अधिक पढ़ें अहंकार ही माया है ahankar hi Maya hai

मौन जीवन का स्त्रोत है और रोगों का उपचार है mon jivan ka strot hai rogo ka upchar hai

वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध को जब बोध प्राप्त हुआ , तो ऐसा कहा जाता है कि वे एक सप्ताह तक मौन रहे। उन्होनें एक भी शब्द नहीं बोला। पौराणिक कथायें कहती हैं कि स्वर्ग के सभी देवता चिंता में पड़ गये। वे जानते थे कि करोड़ों वर्षों में कोई विरला ही बुद्ध के… अधिक पढ़ें मौन जीवन का स्त्रोत है और रोगों का उपचार है mon jivan ka strot hai rogo ka upchar hai

हम सभी आशा पर जीते हैं ham sabhi Asha per jite Hain

सभी भिक्षु एकत्र थे। परस्पर चर्चा के दौरान एक ने कहा , ‘ सारा नगर बुद्ध के प्रवचन में उपस्थित हुआ है , लेकिन राजपुरोहित कट्टरपंथी है , इसीलिए वह कभी भी प्रवचन सभा में नहीं आया है । हमें ऐसी कोशिश करनी चाहिए ताकि राजपुरोहित अह्रत् की सन्निधि में उपस्थित हो। ‘ कोई कुछ… अधिक पढ़ें हम सभी आशा पर जीते हैं ham sabhi Asha per jite Hain

उपाली और महात्मा बुद्ध upali aur mahatma buddh

उपाली बहुत ही धनी व्यक्ति था और गौतम बुद्ध के ही समकालीन एक अन्य धार्मिक गुरु निगंथा नाथपुत्ता का शिष्य था। नाथपुत्ता के उपदेश बुद्ध से अलग प्रकार के थे। उपाली एक बहुत ही विलक्षण वक्ता था और वाद-विवाद में भी बहुत ही कुशल था। उसके गुरु ने उसे एक दिन कहा कि वह कर्म… अधिक पढ़ें उपाली और महात्मा बुद्ध upali aur mahatma buddh

दोस्ती की आग dosti ki aag

अली नाम के एक लड़के को पैसों की सख्त ज़रुरत थी । उसने अपने मालिक से मदद मांगी। मालिक पैसे देने को तैयार हो गया पर उसने एक शर्त रखी । शर्त ये थी कि अली को बिना आग जलाये कल की रात पहाड़ी की सबसे ऊँची चोटी पर बितानी थी , अगर वो ऐसा… अधिक पढ़ें दोस्ती की आग dosti ki aag