संसार में किसी कि भी रचना व्यर्थ में नहीं की गई हैं sansar mein Kisi ki Bhi rachna vyrat mein Nahin ki gai hai

एक राज्य के नागरिक बहुत परेशान थे। पक्षी उनके खेत – खलिहान को बर्बाद कर दिया करते थे। एक बार राज्य की जनता अपना दुखड़ा लेकर वे राजा के पास पहुंचे। उनकी परेशानी सुन कर राजा भी क्रोधित हो उठा। उसने ऐलान किया कि राज्य के सारे पक्षियों को मार दिया जाए। और अब से… अधिक पढ़ें संसार में किसी कि भी रचना व्यर्थ में नहीं की गई हैं sansar mein Kisi ki Bhi rachna vyrat mein Nahin ki gai hai

जब देवता हुए नारद से परेशान तथा बंद किये सभी स्वर्ग के द्वार ! Jab devta hue narad se pareshan tatha band ki sabhi swarg ke dwar !

एक बार सभी देवता नारद के विषय में चर्चा कर रहे थे। वे सभी नारद जी के बिना बुलाये कहीं भी बार – बार आ जाने को लेकर बहुत परेशान थे। उन्होंने निश्चय किया की वे अपने द्वारपालों से कहकर नारद जी को किसी भी दशा में अंदर प्रवेश नही करने देंगे और किसी न किसी बहाने से उन्हें टाल देंगे।… अधिक पढ़ें जब देवता हुए नारद से परेशान तथा बंद किये सभी स्वर्ग के द्वार ! Jab devta hue narad se pareshan tatha band ki sabhi swarg ke dwar !

मां ने दिया अद्भुत शिक्षाप्रद ज्ञान maa ne Diya adbhut shikshaprad gyan

राजा गोपीचंद का मन गुरु गोरखनाथ के उपदेश सुनकर सांसारिकता से उदासीन हो गया। मां से अनुमति लेकर गोपीचंद साधु बन गए। साधु बनने के बहुत दिन बाद एक बार वह अपने राज्य लौटे और भिक्षापात्र लेकर अपने महल में भिक्षा के लिए आवाज लगाई। आवाज सुन उनकी मां भिक्षा देने के लिए महल से… अधिक पढ़ें मां ने दिया अद्भुत शिक्षाप्रद ज्ञान maa ne Diya adbhut shikshaprad gyan

सोने जैसा जीवन sone jaisa Jeevan

अर्जनगढ़ के राजा अर्जन सिंह कपिल मुनि के आश्रम में नियमित रूप से आते – जाते रहते थे। कपिल मुनि अत्यंत ज्ञानवान , विवेकशील और गुणवान थे। वह अपने पास आने वाले सभी व्यक्तियों की समस्याओं को सुलझाया करते थे। एक दिन राजा ने गौर किया कि एक निपट देहाती और अनपढ़ व्यक्ति कपिल मुनि… अधिक पढ़ें सोने जैसा जीवन sone jaisa Jeevan

एक रात भगवान् से बात ek Raat bhagwan se baat

आज मैंने हार मानना चाही , मैंने अपनी नौकरी छोड़ दि , मेरे रिश्ते छोड़ दिए , सबकुछ छोड मैं ईश्वर से आखिरी मुलाकात करने एक जंगल में गया , “भगवान् ” मैंने कहा “ क्या आप मुझे एक ऐसी वजह दे सकते है की मैं आखिर हार में क्यों न मानू ? ” उनके… अधिक पढ़ें एक रात भगवान् से बात ek Raat bhagwan se baat

पात्रता होने पर दिक्षा संभव है patrata hone per Diksha sambhav hai

एक बार एक धनी वणिक ने एक महात्मा से दीक्षा देने का अनुरोध किया। साधु ने बात टालने का प्रयत्न किया किंतु वणिक ने पाँव पकड़ लिए। अंत में साधु कुछ समय बाद आकर दीक्षा देने का वचन देकर चला गया। पाँच पखवारे बाद महात्मा उसी वणिक के द्वार पर आए और भिक्षा के लिए… अधिक पढ़ें पात्रता होने पर दिक्षा संभव है patrata hone per Diksha sambhav hai

शुभ कार्य तत्काल करो Shubh karya tatkal karo

कोई स्त्री अपनी पिता के यहाँ से लौटी थी , अपने पति से कह रही थी – ” मेरा भाई विरक्त हो गया है। वह अगली दीवाली पर दीक्षा लेकर साधु होने वाला है। अभी से उसने तैयारी प्रारंभ कर दी है। वह अपनी संपत्ति की उचित व्यवस्था करने में लगा है। ’’ भौतिक संपत्ति… अधिक पढ़ें शुभ कार्य तत्काल करो Shubh karya tatkal karo

आत्म परीक्षण का ज्ञान Atma parikshan ka Gyan

एक दिन बुद्ध प्रातः भिक्षुओं की सभा में पधारे। सभा में प्रतीक्षारत उनके शिष्य यह देख चकित हुए कि बुद्ध पहली बार अपने हाथ में कुछ लेकर आये थे। उनके हाथ में एक रूमाल था। बुद्ध के हाथ में रूमाल देखकर सभी समझ गए कि इसका कुछ विशेष प्रयोजन होगा। बुद्ध अपने आसन पर विराजे।… अधिक पढ़ें आत्म परीक्षण का ज्ञान Atma parikshan ka Gyan

Worth reading instead of writing well

If I have two options –One is that,‘I should write so accurately that people are compelled to read what I have written’And the second is that,‘I live such a life that people are forced to write on my life’So which option would I prefer? The mind will always be ready to like the first option.Why?Because,… अधिक पढ़ें Worth reading instead of writing well

पढ़ने योग्य लिखा जाए इसकी अपेक्षा अच्छा लिखने योग्य किया जाए। Padhne yogya likha jaaye iski apeksha likhane yogya kiya jaaye.

यदि मेरे पास दो विकल्प हों –एक यह कि ,‘ मैं ऐसा सटीक लिखूं कि मेरा लिखा हुआ पढ़ने के लिए लोग मजबूर हो जाए ‘और दूसरा यह कि ,‘ मैं ऐसा जीवन जी लूं कि मेरे जीवन पर लिखने के लिए लोग मजबूर हो जाए ‘तो मैं किस विकल्प को पसंद करूंगा ? प्रथम… अधिक पढ़ें पढ़ने योग्य लिखा जाए इसकी अपेक्षा अच्छा लिखने योग्य किया जाए। Padhne yogya likha jaaye iski apeksha likhane yogya kiya jaaye.