क्यों माना जाता है ओम को महामंत्र तथा क्या लाभ है इसके उच्चारण के kyon mana jata hai Om ko mahamantra tatha kya labh hai iske uchcharan ke

हिन्दू धर्म में पूरणो और वेदो  के अनुसार ॐ नमः शिवाय का मन्त्र खुद में इतना सर्वशक्तिमान , सर्वशक्तिशाली तथा सम्पूर्ण ऊर्जा का श्रोत है की मात्र इसके उच्चारण से ही समस्त दु:खो , कष्टो का विनाश होता है तथा हर कामना की प्रतिपूर्ति हो जाती है। ॐ अक्षर के बिना किसी घर की पूजा पूर्ण नही मानी जाती… अधिक पढ़ें क्यों माना जाता है ओम को महामंत्र तथा क्या लाभ है इसके उच्चारण के kyon mana jata hai Om ko mahamantra tatha kya labh hai iske uchcharan ke

शिल्पकार का अभिमान shilpkar ka abhiman

कलाप्रस्तर नामक एक मूर्तिकार बेहद सुंदर मूर्तियां बनाया करता था। उसने अपने बेटे अहं को भी मूर्तिकला का ज्ञान देना शुरू किया। कुछ वर्षों में बेटा भी मूर्तियां बनाने में निपुण हो गया। अब पिता – पुत्र दोनों बाजार जाते और मूर्तियां बेचकर आ जाते। कुछ समय बाद प्रस्तर ने अहं की मूर्तियों को अलग… अधिक पढ़ें शिल्पकार का अभिमान shilpkar ka abhiman

उत्कृष्ट भावना से ही भगवान की भक्ति की जानी चाहिए utkrusht Bhavna se hi bhagwan ki bhakti ki jaani chahie

आखेट की खोज में भटकता विश्वबंधु शवर नील पर्वत की एक गुफा में जा पहुँचा। वहाँ भगवान नील – माधव की मूर्ति के दर्शन पाते ही शवर के हृदय में भक्ति भावना स्रोत उमड़ पड़ा। वह हिंसा छोड़ कर भगवान नील की रात – दिन पूजा करने लगा। उन्हीं दिनों मालवराज इंद्रप्रद्युम्न किसी अपरिचित तीर्थ… अधिक पढ़ें उत्कृष्ट भावना से ही भगवान की भक्ति की जानी चाहिए utkrusht Bhavna se hi bhagwan ki bhakti ki jaani chahie

चंचलता से बुद्धि का नाश होता है। Chanchalta se buddhi ka Nash hota hai.

किसी तालाब में कम्बुग्रीव नामक एक कछुआ रहता था। तालाब के किनारे रहने वाले संकट और विकट नामक हंस से उसकी गहरी दोस्ती थी। तालाब के किनारे तीनों हर रोज खूब बातें करते और शाम होने पर अपने-अपने घरों को चल देते। एक वर्ष उस प्रदेश में जरा भी बारिश नहीं हुई। धीरे – धीरे… अधिक पढ़ें चंचलता से बुद्धि का नाश होता है। Chanchalta se buddhi ka Nash hota hai.

बिजली से पीड़ित एक आम नागरिक की कथा। Bijali se pidit ek aam nagrik ki katha.

बिजली विभाग के दफ्तर के बाहर राजू केले बेच रहा था।बिजली विभाग के एक बड़े अधिकारी ने पूछा : ” केले कैसे दिए” ?राजू: केले किस लिए खरीद रहे हैं साहब ?अधिकारी:- मतलब ??राजू:- मतलब ये साहब कि,*मंदिर* के प्रसाद के लिए ले रहे हैं तो 10 रुपए दर्जन।*वृद्धाश्रम* में देने हों तो 15 रुपए… अधिक पढ़ें बिजली से पीड़ित एक आम नागरिक की कथा। Bijali se pidit ek aam nagrik ki katha.

लंका विजय अभियान में सबसे बड़ा सहयोग तुम्हारा है Lanka Vijay abhiyan mein sabse bada Sahyog tumhara hai

आप छोटे बच्चे हैं तो भी चिंता ना करें, अगर आप निर्धन है तब भी फिक्र ना करें – जिस तरह भी आप औरों के काम आ सकते हैं आने की कोशिश करें।मुझे याद है –श्री राम ने लंका – विजय – अभियान प्रारंभ किया। समुद्र पार करने के लिए समुद्र पर पत्थरों का पुल… अधिक पढ़ें लंका विजय अभियान में सबसे बड़ा सहयोग तुम्हारा है Lanka Vijay abhiyan mein sabse bada Sahyog tumhara hai

नाम से ही सारे दु:ख दूर हो जाएंगे। Naam say hi saree dukh dur ho jaenge.

एक बार की बात है माता अंजना हनुमान जी को कुटी में लिटाकर कहीं बाहर चली गई। थोड़ी देर में इन्हें बहुत तेज भूख लगी। इतने में आकाश में सूर्य भगवान उगते हुए दिखलायी दिये। इन्होंने समझा यह कोई लाल लाल सुंदर मीठा फल है। बस, एक ही छलांग में यह सूर्य भगवान के पास… अधिक पढ़ें नाम से ही सारे दु:ख दूर हो जाएंगे। Naam say hi saree dukh dur ho jaenge.

जब तक विश्वास है तब तक जीवन है। Jab tak vishwas hai tab tak jivan hai.

जीवन में जो महत्व स्वास का है, समाज में वही महत्व विश्वास का है। विश्वास जीवन की स्वास है, विश्वास जीवन की आस है, विश्वास जीवन की प्यास है। दुनिया विश्वास पर टिकी है। जब तक विश्वास- है तब तक दुनिया है। विश्वास उठा यह दुनिया भी उठ जाएगी । लोग कहते हैं, पृथ्वी शेषनाग… अधिक पढ़ें जब तक विश्वास है तब तक जीवन है। Jab tak vishwas hai tab tak jivan hai.

धार्मिकता का चोला पहनकर भीतर से नास्तिक होकर धर्म को लूटते जा रहे हैं dharmikta ka chola pahankar bhitar se nastik hokar dharm ko loot te ja rahe hain

इन दिनों अर्थ का बोलबाला इतनी तेजी से बढ़ रहा है। कि हर वर्ग के लोग येन केन प्रकारेण धन एकत्रित करने में जुटे हुए हैं। भले ही उसके दुष्परिणाम उसकी दुनिया को उजाड़ दें मगर पाप और पुण्य की परिभाषा को नजरअंदाज कर हर व्यक्ति इस दौड़ में से दौड़ रहा है। जिस परमपिता… अधिक पढ़ें धार्मिकता का चोला पहनकर भीतर से नास्तिक होकर धर्म को लूटते जा रहे हैं dharmikta ka chola pahankar bhitar se nastik hokar dharm ko loot te ja rahe hain

अपने आपको व्यस्त रखिए और मस्त रहिए। Apni aapko vyast rakhiye aur mast rahiye.

तनाव का सबसे बड़ा कारण बचाव प्रवृत्ति है। जब मन स्थितियों को स्वीकार करने को तैयार नहीं होता, तो मन में हमेशा असुरक्षा का भय बैठा रहता है। हर स्थिति उसे डरावनी लगती है। मन निरमूल आशंकाओं से घिरा रहता है। इंसान खुद के प्रति अरुचिकर हो जाता है और वह किसी भी स्थिति को… अधिक पढ़ें अपने आपको व्यस्त रखिए और मस्त रहिए। Apni aapko vyast rakhiye aur mast rahiye.