मनुष्य के मन की यही स्थिति है Manushya ke Man ki yahi sthiti hai

एक मालिन और मछुआरन में गहरी दोस्ती थी। दोनों ही बाजार में एक साथ दुकान लगाकर बैठतीं। मालिन फूल बेचती और मछुआरन मछलियां। मालिन का घर तो बाजार के पास ही था , पर मछुआरन रोज तीन मील से चलकर आती। एक दिन बाजार से वापस निकलने में विलंब हो गया। मालिन ने मछुआरन से… अधिक पढ़ें मनुष्य के मन की यही स्थिति है Manushya ke Man ki yahi sthiti hai

जीवन भी शिकंजी के स्वाद जैसा ही है jivan bhi shikanji ke Swad jaisa hi hai

Hindi Story अपना दु:खद कल भुलाने की सीख देती हिंदी कहानी। एक कालेज स्टूडेंट था जिसका नाम था रवि। वह बहुत चुपचाप सा रहता था। किसी से ज्यादा बात नहीं करता था इसलिए उसका कोई दोस्त भी नहीं था। वह हमेशा कुछ परेशान सा रहता था। पर लोग उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे।… अधिक पढ़ें जीवन भी शिकंजी के स्वाद जैसा ही है jivan bhi shikanji ke Swad jaisa hi hai

मैं उसे मुक्त नहीं होने दूँगा Main use mukt Nahin hone dunga

एक बार चुल्लबोधि नामक एक शिक्षित व कुलीन व्यक्ति ने सांसारिकता का त्याग कर सन्यास-मार्ग का वरण किया। उसकी पत्नी भी उसके साथ सन्यासिनी बन उसकी अनुगामिनी बनी रही। दोनों ही एकान्त प्रदेश में प्रसन्नता पूर्वक सन्यास-साधना में लीन रहते। एक बार वसन्त ॠतु में दोनों एक घने वन में विहार कर रहे थे। चुल्लबोधि… अधिक पढ़ें मैं उसे मुक्त नहीं होने दूँगा Main use mukt Nahin hone dunga

एक त्याग रहा था , दूसरा ले रहा था Ek tyag raha tha , dusra le raha tha

बहुत पुरानी कहानी है। एक ब्राह्मण पंडित जगह-जगह जाकर गीता का पाठ सुनाया करते थे। एक बार वे अपने गांव से दूर दूसरे गांव के सेठ के निमंत्रण पर उन्हें गीता – पाठ सुनाने के लिए जा रहे थे। रास्ते में एक नदी आई वहां एक मगरमच्छ रहता था। उसने ब्राह्मण से गीता – पाठ… अधिक पढ़ें एक त्याग रहा था , दूसरा ले रहा था Ek tyag raha tha , dusra le raha tha

वैराग्य से सब सुख आसानी से मिल जाता है Vairagya se sab aasani se mil jata hai

वैराग्य का आना स्वाभाविक है। उम्र बढ़ने के साथ , तुम्हारा मन स्वतः ही छोटी-छोटी बातों में नहीं अटकता है। जैसे बचपन में तुम्हें लौलीपॉप से लगाव था , पर वह लगाव स्कूल या कॉलेज आने पर स्वतः ही छूट गया। बड़े होने पर भी दोस्त तो रहते हैं पर उनके साथ उतना मोह नहीं… अधिक पढ़ें वैराग्य से सब सुख आसानी से मिल जाता है Vairagya se sab aasani se mil jata hai

आपकी जीत को हार में बदल सकती है थोड़ी सी अशांति Aapki jeet ko Har mein badal sakti hai thodi si Ashanti

महाभारत युद्ध में भीष्म बाणों की शैया पर लेट चुके थे। कौरव सेना का सेनापति आचार्य द्रौण को नियुक्त किया गया। द्रौण भगवान परशुराम के शिष्य थे। युद्ध में उन्हें सिवाय परशुराम और अर्जुन के कोई हरा नहीं सकता था। युद्ध में उन्होंने कई हजार सैनिकों को मार दिया। चक्रव्यूह की रचना की , जिसमें… अधिक पढ़ें आपकी जीत को हार में बदल सकती है थोड़ी सी अशांति Aapki jeet ko Har mein badal sakti hai thodi si Ashanti

स्वस्थ और सुखी जीवन का रहस्य swasth aur sukhi jivan ka rahasya

पुराने समय में एक राजा था। राजा के पास सभी सुख-सुविधाएं और असंख्य सेवक-सेविकाएं हर समय उनकी सेवा उपलब्ध रहते थे। उन्हें किसी चीज की कमी नहीं थी। फिर भी राजा उसके जीवन के सुखी नहीं था। क्योंकि वह अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी परेशान रहता था। वे सदा बीमारियों से घिरे रहते थे। राजा… अधिक पढ़ें स्वस्थ और सुखी जीवन का रहस्य swasth aur sukhi jivan ka rahasya

पशु , पक्षी भी प्यार के बदले प्यार चाहते हैं pashu pakshi bhi pyar ke badle pyar chahte Hain

एक गांव के किनारे बनी कुटिया में एक साधु रहता था । वह दिन भर ईश्वर का भजन-कीर्तन करके समय बिताता था । उसे न तो अपने भोजन की चिंता रहती थी और न ही धन कमाने की । गांव के लोग स्वयं ही उसे भोजन दे जाते थे । साधू उसी भोजन से पेट… अधिक पढ़ें पशु , पक्षी भी प्यार के बदले प्यार चाहते हैं pashu pakshi bhi pyar ke badle pyar chahte Hain

शस्त्र और शास्त्र के महारथी – परशुराम shastra aur shastra ke maharathi – parshuram

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जिनका सादर नमन करते हों , उन शस्त्रधारी और शास्त्रज्ञ भगवान परशुराम की महिमा का वर्णन शब्दों की सीमा में संभव नहीं। वे योग , वेद और नीति में निष्णात थे , तंत्रकर्म तथा ब्रह्मास्त्र समेत विभिन्न दिव्यास्त्रों के संचालन में भी पारंगत थे , यानी जीवन और अध्यात्म की हर विधा… अधिक पढ़ें शस्त्र और शास्त्र के महारथी – परशुराम shastra aur shastra ke maharathi – parshuram

वृद्धावस्था का मूल्य vridhavastha ka mulya

एक राजकुमार को वृद्धों से घृणा थी। वह कहा करता था , ‘ बूढ़ों की बुद्धि कुंठित हो जाती है। वे सदा बेतुकी बातें किया करते हैं। वे किसी काम के नहीं होते। ’ उसके दरबारी भी उसकी हां में हां मिलाते रहते थे। एक बार राजकुमार अपने कुछ सैनिकों के साथ शिकार खेलने गया।… अधिक पढ़ें वृद्धावस्था का मूल्य vridhavastha ka mulya